दुर्ग जिले में डिजिटल अरेस्ट कर एक महिला से 12.5 लाख रुपए की साइबर ठगी की गई है। इस मामले में भिलाई पुलिस ने 2 आरोपियों को उत्तरप्रदेश के फतेहपुर से गिरफ्तार किया है। आरोपी खुद को सीबीआई और क्राइम ब्रांच का अधिकारी बताकर लोगों को डरा-धमकाकर ठगी करते
.
सीएसपी सत्यप्रकाश तिवारी ने बताया कि, भिलाई के सेक्टर-7 निवासी शोभा झा ने करीब 20 दिन पहले भिलाई नगर थाने में शिकायत दर्ज कराई थी कि, 1 जुलाई को उन्हें एक अज्ञात नंबर से कॉल आया। आरोपी ने खुद को सीबीआई और क्राइम ब्रांच कोलाबा का अधिकारी बताया।

मनी लॉन्ड्रिंग और ठगी का केस बताया
आरोपी ने उन्हें बताया कि उनके खिलाफ मनी लॉन्ड्रिंग और ठगी जैसे गंभीर अपराधों में IPC की धारा 198, 223, 420 के तहत केस दर्ज है और जल्द ही उन्हें गिरफ्तार किया जाएगा। डर के कारण महिला ने खुद को पांच दिनों तक अपने घर में डिजिटल अरेस्ट मानते हुए बंद रखा।
आरोपियों के झांसे में आकर अपने गहने गिरवी रखे। पेंशन खाता खाली कर आरटीजीएस के जरिए 12.5 लाख रुपए आरोपियों के बताए गए बैंक खातों में ट्रांसफर कर दिया। साथ ही उन्हें झांसा दिया गया कि जांच के बाद पैसे वापस कर दिए जाएंगे।
यूपी में चल रहा था फर्जी कॉल सेंटर
इस मामले को गंभीरता से लेते हुए एसएसपी सत्यप्रकाश तिवारी के निर्देश में एसीसीयू और भिलाई नगर की संयुक्त टीम ने तकनीकी जांच शुरू की। जांच में पता चला कि आरोपी अनस खान सिम कार्ड इकट्ठा कर मोहम्मद फैजल को देता था, जो फतेहपुर (उ.प्र.) स्थित किराए के मकान में फर्जी कॉल सेंटर चला रहा था।
चीन से खरीदा कॉल कन्वर्टर मशीन
सीएसपी ने बताया कि, कॉल कन्वर्टर मशीन और आधुनिक सॉफ्टवेयर की मदद से एक साथ 90-100 सिम का इस्तेमाल कर पहचान छिपाकर लोगों को ठगा जाता था। कॉल कन्वर्टर मशीन का यह पहला मामला है, जो हमारे संज्ञान में आया है। यह चाइनीस प्रोडक्ट है। जिसे आरोपियों ने ऑनलाइन मंगाया था। इस कॉल कन्वर्टर मशीन के इस्तेमाल से आवाज बदलकर लोगों से बात करने के समय किया जाता था।
पुलिस ने फतेहपुर में दबिश देकर दोनों आरोपियों को गिरफ्तार किया है। उनके पास से 3 कॉल कन्वर्टर मशीन, 1 लैपटॉप, 105 सिम कार्ड और 5 मोबाइल जब्त किया है। आरोपियों से आगे की पूछताछ जारी है। भिलाई नगर थाना में अग्रिम कार्रवाई की जा रही है।