Chhattisgarh Durg – Diwali 2025 – Over 60,000 silver fish sold on Dhanteras | धनतेरस पर 60 हजार से ज्यादा चांदी की मछलियां बिकी: दुर्ग-भिलाई और रायपुर में प्रदीप मिश्रा के प्रवचन के बाद बढ़ी डिमांड;राजधानी में रिकॉर्ड बिक्री – Chhattisgarh News

Author name

October 19, 2025


पं. प्रदीप मिश्रा के प्रवचन के बाद चांदी की सिक्कों की जगह लोगों ने खरीदी मछली।

धनतेरस पर इस बार सराफा बाजारों में कुछ ऐसा ट्रेंड देखने को मिला, जिसने सभी को चौंका दिया। जहां हर साल लोग सोने-चांदी के सिक्के, लक्ष्मी-गणेश की मूर्तियां या कछुए खरीदते हैं। वहीं इस बार सबसे ज्यादा डिमांड रही चांदी की मछलियों की।

.

वजह थी कथावाचक पंडित प्रदीप मिश्रा का प्रवचन, जिसमें उन्होंने कहा था कि घर या दुकान के गल्ले में चांदी की मछली रखने से मां लक्ष्मी और भगवान कुबेर की कृपा बनी रहती है, जिससे घर में धन-संपत्ति और समृद्धि आती हैं।

दुर्ग-भिलाई में दुकानों से गायब हुई चांदी की मछलियां

दुर्ग सराफा व्यापारी संघ के अध्यक्ष प्रकाश सांखला ने बताया कि, दुर्ग-भिलाई के करीब 350 ज्वेलर्स की दुकानों में इस बार हर दुकान पर 50 से 100 चांदी की मछलियां बिकी हैं। पिछले साल भी कुछ मांग थी, लेकिन इस बार तो स्थिति यह रही कि बाजार में मछली खत्म हो गई। दुकानदारों ने पहले से ज्यादा स्टॉक मंगाया था फिर भी कम पड़ गया।

हर दुकान पर 50 से 100 चांदी की मछलियां बिकी हैं।

हर दुकान पर 50 से 100 चांदी की मछलियां बिकी हैं।

कथा के बाद लोगों ने बदला ट्रेंड

बताया जा रहा है कि पंडित प्रदीप मिश्रा के कथा के बाद चांदी के मछली की खरीदी करने लोगों की दिलचस्पी दिख रही है। प्रकाश सांखला के अनुसार, इस बार छोटे-छोटे चांदी के सामान और पूजा से जुड़ी वस्तुओं की डिमांड ज्यादा रही। चांदी की मछली और छोटे आइटम्स पर सबसे ज्यादा फोकस रहा। सोने में हल्की वजन की ज्वेलरी बिकी, लेकिन ओवरऑल सराफा बाजार इस बार बेहद अच्छा चला।

रायपुर में रिकॉर्ड बिक्री, हर दुकान से बिकीं सैकड़ों मछलियां

रायपुर सराफा एसोसिएशन के अध्यक्ष सुरेश भंसाली ने बताया कि इस बार रायपुर में 30 हजार से ज्यादा चांदी की मछलियां बिकीं। शहर में 600 दुकानें हैं। अगर हर दुकान पर औसतन 50 मछलियां भी बिकीं, तो 30 हजार से ज्यादा मछलियां बिक चुकी हैं। कुछ दुकानों पर तो 200-300 मछलियां भी बिकी हैं।

भंसाली ने बताया कि प्रदीप मिश्रा के प्रवचन के बाद लोगों में इस मछली को लेकर आस्था बढ़ी है। उन्होंने अपने प्रवचन में कहा था कि मछली को धनतेरस पर खरीदकर पूजा स्थल या गल्ले पर रखने से मां लक्ष्मी की कृपा बनी रहती है। बस उसके बाद से भक्तों में मछली खरीदने की होड़ लग गई। हर कोई कह रहा था कि हमें वही मछली चाहिए जो पंडित जी ने बताई है।

रायपुर के कुछ दुकानों पर 200-300 मछलियां भी बिकी हैं।

रायपुर के कुछ दुकानों पर 200-300 मछलियां भी बिकी हैं।

दुकानों में शाम को ही खत्म हो गई थी मछली, खाली हाथ लौटे ग्राहक

सुरेश भंसाली ने बताया कि इस बार छोटी मछली की इतनी मांग रही कि दुकानदारों को ग्राहकों को लौटाना पड़ा। मैंने खुद धनतेरस की रात करीब 50 ग्राहकों को लौटाया, क्योंकि हमारे पास मछली का स्टॉक खत्म हो गया था। किसी के पास एक भी मछली नहीं बची थी। रायपुर-दुर्ग में इस बार चांदी के सिक्के की जगह पूरी तरह मछली ने ले ली है।

दो सालों से लगातार चांदी की मछली पर हो रहा प्रवचन

व्यापारियों के मुताबिक पंडित प्रदीप मिश्रा 2024 में भी छत्तीसगढ़ आए थे, उन्होंने धनतेरस पर चांदी की मछली खरीदने के लिए भक्तों से अपील की थी। इसके बाद पिछले साल की दिवाली में भी लोगों की भीड़ चांद की मछली खरीदने उमड़ पड़ी थी।

सराफा व्यापारियों को इसकी भनक तक नहीं थी कि अचानक से लोग चांद की मछली की डिमांड करेंगे। इस साल 2025 में भी पंडित प्रदीप मिश्रा ने धनतेरस पर चांदी की मछली के फायदे भक्तों को बताए थे। इसे देखते हुए व्यापारियों ने पहले से ही तैयारी कर ज्यादा स्टॉक मंगाया था। लेकिन यह स्टॉक भी शाम होते तक खत्म हो गया। ग्राहक खाली हाथ लौटते रहे।

पंडित प्रदीप मिश्रा ने अपनी कथाओं में चांदी की मछली के फायदे भी बताए थे। फाइल फोटो

पंडित प्रदीप मिश्रा ने अपनी कथाओं में चांदी की मछली के फायदे भी बताए थे। फाइल फोटो

कथावाचक मिश्रा ने कथाओं में बताया शुभ और लाभकारी

पंडित प्रदीप मिश्रा ने अपनी कथाओं में चांदी की मछली को काफी शुभ बताया था। कहा था चांदी की मछली घर में धन, समृद्धि और सकारात्मक ऊर्जा लाती है। पूजा स्थल के अलावा अपने दुकान के गल्ले में रखने से लक्ष्मी और कुबेर की कृपा लाती है, जिससे घर में धन का आगमन होता है और व्यापार में उन्नति होती है।

धनतेरस पर सोना, चांदी, बर्तन और कपड़े आदि की खरीदारी करना शुभ होता है। धनतेरस पर सोने-चांदी से बनी मछली और हाथी खरीदने से भी मां लक्ष्मी और भगवान कुबेर की विशेष कृपा होती है। वहीं, सराफा व्यापारियों ने बताया कि धनतेरस पर लक्ष्मी, गणेश, कुबेर, कछुआ की अधिक मांग रहती है। लेकिन इस बार चांदी की मछली की मांग काफी अधिक है।

ये फायदे भी बताए थे

  • चांदी की मछली के सुबह सबसे पहले दर्शन किए जाए तो दिन शुभ,अनुकूल रहता है और प्रसन्नता से व्यतीत होता है।
  • व्यापार में मनचाही प्रगति के लिए भी दुकान खोलते ही इसके दर्शन शुभ माने गए हैं।
  • करियर में तरक्की के लिए भी चांदी की मछली सजा कर रखी जाती है।
  • कहीं कहीं शादी में कन्या और वर को कन्या के पिता चांदी की मछली भेंट में देते हैं ताकि उनके जीवन में मिठास बनी रहे।
  • मछली के बारे में कहा जाता है कि जिस घर में वह पाली जाती है उस घर की आपदा अपने ऊपर ले लेती है।
  • पर्स में छोटी सी चांदी की मछली रखने से भी धन की आवक बनी रहती है।

2025 में छत्तीसगढ़ में पंडित प्रदीप मिश्रा की कथाएं

  • राजनांदगांव: 4 जनवरी 2025 से।
  • कोरबा: 12 से 18 जुलाई 2025 तक।
  • भिलाई: 30 जुलाई से 5 अगस्त 2025 तक।

………………………………..

इससे जुड़ी यह खबर भी पढ़ें…

छत्तीसगढ़ में धनतेरस पर 2200 करोड़ का कारोबार: 1000 करोड़ के सोने-चांदी की खरीदारी; ऑटोमोबाइल-सेक्टर में रिकॉर्ड बिक्री, 10 हजार से ज्यादा कारें बिकी

धनतेरस पर छत्तीसगढ़ में 2200 करोड़ से अधिक का कारोबार हुआ है।

धनतेरस पर छत्तीसगढ़ में 2200 करोड़ से अधिक का कारोबार हुआ है।

छत्तीसगढ़ में इस बार धनतेरस पर खरीदारी का अलग ही जोश देखने को मिला। GST (गुड्स एंड सर्विस टैक्स) की दर कम होने का भी असर दिखा। पूरे राज्य में 2200 करोड़ से ज्यादा का कारोबार हुआ है। प्रदेश में 10 हजार से ज्यादा कारें और 50,000 बाइक बिके हैं। वहीं दिवाली पर देसी मिठाई-खजूर की डिमांड बढ़ी है। पढ़ें पूरी खबर…



Source link