छत्तीसगढ़ के बालोद जिले में हरेली के मौके पर सर्व छत्तीसगढ़िया समाज और छत्तीसगढ़िया क्रांति सेना ने रैली निकाली। जिसमें गेंड़ी, पंथी, सुआ और रीलो गीतों पर युवक थिरकते दिखे। वहीं युवतियां पारंपरिक छत्तीसगढ़ी वेशभूषा में नजर आईं। रैली में हजारों की संख
.
यह आयोजन हरेली उत्सव के पांचवें साले के रूप में मनाया गया। रैली का शुभारंभ दोपहर 12 बजे गंजपारा स्थित ठेठवार भवन से हुआ, जो मिनीमाता चौक, बस स्टैंड, शीतला मंदिर, जय स्तंभ चौक, मधु चौक, सदर रोड और चंडी मंदिर होते हुए सरदार पटेल मैदान में जाकर संपन्न हुआ।

रैली में राउत नाचा, गेंड़ी, सुवा, करमा और ददरिया जैसे पारंपरिक नृत्य और छत्तीसगढ़ी झांकियों ने दर्शकों को खासा आकर्षित किया। छत्तीसगढ़िया क्रांति सेना के जिलाध्यक्ष खोमन साहू, जोहार छत्तीसगढ़ पार्टी के जिलाध्यक्ष चंद्रभान साहू ने बताया कि आयोजन का उद्देश्य छत्तीसगढ़ की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत को नई पीढ़ी तक पहुंचाना है।
रैली के समापन के बाद शाम 6 बजे से मंचीय कार्यक्रम का आयोजन हुआ। जिसमें घर कहां है और भरथरी जैसी सांस्कृतिक प्रस्तुतियां दी गईं।