Chhattisgarh Weather Update| Rain Storm Alert Raipur Bilaspur Durg Bastar Surguja Sukma Balrampur | 33 जिलों में आंधी-बारिश का यलो अलर्ट: गरज-चमक के साथ बिजली गिरेगी, 2 दिन ऐसा ही मौसम; बेमेतरा में सामान्य से 50% कम बरसा पानी – Chhattisgarh News

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September 15, 2025


तस्वीर रायगढ़ की है जहां 3 दिन पहले दिन में अच्छी बारिश हुई थी।

छत्तीसगढ़ में पिछले 24 घंटों में ज्यादातर जगहों पर हल्की से मध्यम बारिश हुई है। सबसे ज्यादा 60 MM बारिश तोंगपाल में हुई है। अगले 2 दिनों तक यही स्थिति बनी रहेगी। राज्य में हल्की से मध्यम बारिश का दौर जारी रहेगा। वहीं एक से दो जगहों पर भारी बारिश हो स

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मौसम विभाग ने आज (सोमवार) सभी जिलों में बारिश का यलो अलर्ट जारी किया है। इस दौरान गरज चमक के साथ बिजली गिर सकती है। तेज हवा चल सकती है। अब तक सबसे ज्यादा बारिश बलरामपुर जिले और सबसे कम बेमेतरा जिले में हुई है।

बलरामपुर में सबसे ज्यादा पानी बरसा

प्रदेश में अब तक 1029 मिमी बारिश हुई है। बेमेतरा जिले में अब तक 482.6 मिमी पानी बरसा है, जो सामान्य से 50% कम है। अन्य जिलों जैसे बस्तर, राजनांदगांव, रायगढ़ में वर्षा सामान्य के आसपास हुई है।

वहीं, बलरामपुर जिले में सबसे ज्यादा 1372.5 मिमी बारिश दर्ज की गई, जो सामान्य से 51% ज्यादा है।

बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में दिक्कत अभी बरकरार

पिछले हफ्ते उत्तरी और दक्षिणी छत्तीसगढ़ में भारी बारिश हुई। बस्तर संभाग के 4 जिलों में कई पुल टूट गए, 200 से ज्यादा घर ढह गए। नदियां-नाले उफान पर आ गए और बाढ़ जैसे हालात बन गए। प्रशासन को राहत और बचाव कार्य चलाना पड़ा।

प्रभावितों को राहत शिविर में रखा गया है। फिलहाल स्थिति सामान्य की ओर बढ़ रही है, लेकिन बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में दिक्कतें अब भी बरकरार हैं।

पुल टूटने के कारण ग्रामीणों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।

पुल टूटने के कारण ग्रामीणों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।

स्टेट हाईवे 5 के टूटे पुल पर सीढ़ी बांधकर लोग आना-जान कर रह हैं।

स्टेट हाईवे 5 के टूटे पुल पर सीढ़ी बांधकर लोग आना-जान कर रह हैं।

बस्तर में 200 से ज्यादा घर ढहे

बस्तर संभाग में पिछले दिनों हुई मूसलाधार बारिश के बाद चार जिलों दंतेवाड़ा, बीजापुर, सुकमा और बस्तर में बाढ़ से 200 से ज्यादा मकान ढह गए। 2196 लोग राहत शिविर में शिफ्ट किए गए।

इन्हें स्कूल, इंडोर स्टेडियम, आश्रम जैसे जगहों पर ठहराया गया है। अब तक 5 लोगों की मौत हो चुकी है। अब बाढ़ के बाद की तस्वीरें भी सामने आई हैं।

बारसूर में स्टेट हाईवे 5 पर पुल टूट गया, टूटे पुल पर अब सीढ़ी बांधकर ग्रामीण आना जाना कर रहे हैं। बता दें कि नारायणपुर, बस्तर, बीजापुर के 55 से 60 गांवों के ग्रामीण अपनी रोजमर्रा के सामानों के लिए बारसूर साप्ताहिक बाजार पहुंचते हैं।

क्यों गिरती है बिजली

बादलों में मौजूद पानी की बूंदें और बर्फ के कण हवा से रगड़ खाते हैं, जिससे उनमें बिजली जैसा चार्ज पैदा होता है। कुछ बादलों में पॉजिटिव और कुछ में नेगेटिव चार्ज जमा हो जाता है। जब ये विपरीत चार्ज वाले बादल आपस में टकराते हैं तो बिजली बनती है।

आमतौर पर यह बिजली बादलों के भीतर ही रहती है, लेकिन कभी-कभी यह इतनी तेज होती है कि धरती तक पहुंच जाती है। बिजली को धरती तक पहुंचने के लिए कंडक्टर की जरूरत होती है। पेड़, पानी, बिजली के खंभे और धातु के सामान ऐसे कंडक्टर बनते हैं। अगर कोई व्यक्ति इनके पास या संपर्क में होता है तो वह बिजली की चपेट में आ सकता है।



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