जशपुर में सोमवार को कांग्रेस पार्टी ने महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना (मनरेगा) का नाम बदलकर ‘जी राम जी’ किए जाने के विरोध में प्रदर्शन किया। कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने जिला भाजपा कार्यालय का घेराव करने का प्रयास किया।
.
प्रदर्शनकारियों ने भाजपा पर राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की विचारधारा के खिलाफ काम करने का आरोप लगाया। हालांकि, पुलिस ने कार्यालय पहुंचने से पहले ही बैरिकेडिंग लगाकर कांग्रेसियों को रोक दिया, जिससे मौके पर तनाव की स्थिति बन गई।
इस आंदोलन के तहत जिले भर से कांग्रेस के पदाधिकारी और कार्यकर्ता रणजीता स्टेडियम के पास एकत्रित हुए। उन्होंने धरना प्रदर्शन करते हुए हाथों में तख्तियां लीं और केंद्र सरकार के फैसले के खिलाफ नारेबाजी कर अपना आक्रोश व्यक्त किया।



मनरेगा का नाम बदलने पर विरोध
धरना स्थल पर उपस्थित कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए जिला कांग्रेस अध्यक्ष यूडी मिंज ने कहा कि मनरेगा केवल एक सरकारी योजना नहीं है। यह राष्ट्रपिता महात्मा गांधी के विचारों, गरीबों को सम्मानजनक रोजगार, आत्मनिर्भरता और सामाजिक न्याय का प्रतीक है।
उन्होंने आरोप लगाया कि योजना से गांधी का नाम हटाना उनकी विचारधारा और मूल्यों पर सीधा प्रहार है, जिसे कांग्रेस स्वीकार नहीं करेगी।
यूडी मिंज ने केंद्र की भाजपा सरकार पर संविधान, लोकतांत्रिक संस्थाओं और गांधीवादी सोच को कमजोर करने का प्रयास करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि कांग्रेस पार्टी जनता के अधिकारों की रक्षा के लिए सड़क से लेकर सदन तक संघर्ष जारी रखेगी।

कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने प्रशासन को ज्ञापन सौंपा
इस धरना प्रदर्शन को प्रदेश महामंत्री आरती सिंह, प्रदेश सचिव रत्ना पैंकरा, हीरू राम निकुंज, फुलकेरिया भगत, पूर्व विधायक विनय भगत, पूर्व जिला अध्यक्ष मनोज सागर यादव, आशिका कुजूर, मनोज तिवारी और अजय टोप्पो सहित कई वरिष्ठ नेताओं ने भी संबोधित किया।
सभी वक्ताओं ने केंद्र सरकार के फैसले की निंदा करते हुए इसे गरीब विरोधी और गांधी विरोधी कदम बताया।
प्रदर्शन के अंत में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने प्रशासन के माध्यम से केंद्र सरकार को ज्ञापन सौंपा। इसमें मनरेगा योजना में महात्मा गांधी का नाम पुनः बहाल करने की मांग की गई।