छत्तीसगढ़ के दुर्ग स्थित सत्ती चौरा दुर्गा मंदिर में नवरात्रि के अवसर पर एक अनूठी परंपरा निभाई जाती है। यहां मां दुर्गा के साथ-साथ हर दिन बेटियों को देवी का रूप मानकर उनकी पूजा की जाती है। इस वर्ष 2 अक्टूबर को अष्टमी पर 3000 से अधिक कन्याओं को भोज कर
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मंदिर समिति के सदस्य बंटी शर्मा ने बताया कि यह प्रदेश का एकमात्र मंदिर है जहां क्वांर नवरात्रि के नौ दिनों तक रोजाना कन्याओं का पूजन और भोज कराया जाता है। प्रतिदिन अलग-अलग सरकारी स्कूलों की बच्चियों को मंदिर बुलाया जाता है।

मंदिर समिति ने बेटियों को दिलाया सम्मान
इसके लिए मंदिर समिति स्कूलों में वाहन भेजकर बेटियों को पंडाल तक लाने की व्यवस्था करती है। पूजन के बाद बेटियों को केवल भोजन ही नहीं कराया जाता, बल्कि उन्हें पढ़ाई-लिखाई और दैनिक उपयोग की सामग्री भी भेंट की जाती है। इन उपहारों में बैग, टिफिन, वाटर बॉटल, पेन, कॉपी, पेंसिल, रबर, ड्राइंग बुक और 9 प्रकार के फल शामिल होते हैं।
समिति का मानना है कि बेटियों की शिक्षा से ही समाज शिक्षित होगा। इस वर्ष अष्टमी के विशेष अवसर पर मंदिर में 56 भोग सजाए गए। इसके बाद गंजपारा से कन्याओं को शोभायात्रा के रूप में ससम्मान मंदिर परिसर लाया गया। यहां चुनरी ओढ़ाकर पूजा करने के बाद उन्हें बैठाकर भोजन कराया गया और फिर उपहार देकर विदा किया गया।

आयोजन में 3000 से अधिक कन्याएं शामिल
इस आयोजन में 3000 से अधिक कन्याएं शामिल हुईं। मंदिर समिति ने बताया कि यह परंपरा साल 2010 में शुरू हुई थी, जब 108 कन्याओं को भोजन कराया गया था। तब से हर वर्ष यह आयोजन बढ़ता गया है और अब इसमें हजारों कन्याएं शामिल होती हैं।
