दुर्ग नगर निगम के वाटर फिल्टर टैंक में तीन दिन पुरानी लाश मिलने का मामला गरमा गया है। इस घटना के विरोध में एनएसयूआई ने आज निगम कार्यालय के सामने भूख हड़ताल शुरू कर दी है।
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एनएसयूआई के दुर्ग शहर अध्यक्ष वरुण केवलतानी ने आरोप लगाया कि तीन दिन तक लाश टैंक में डूबी रही और उसी दूषित पानी की आपूर्ति पूरे शहर में होती रही। इससे हजारों नागरिकों के स्वास्थ्य पर गंभीर खतरा मंडरा गया।
उन्होंने बताया कि जिस टैंक से प्रतिदिन पानी की आपूर्ति होती है, उसी में शव सड़ रहा था, जिससे बैक्टीरिया पनप गए। यह दूषित पानी सीधे लोगों के घरों तक पहुंचा। केवलतानी ने इसे केवल प्रशासनिक चूक नहीं, बल्कि जनता के जीवन से खिलवाड़ बताया और पेयजल से जुड़ी ऐसी लापरवाही को अत्यंत शर्मनाक करार दिया।
केवलतानी ने यह भी बताया कि जिस दिन शव मिला, उस दिन महापौर अलका बाघमार समय पर घटनास्थल पर नहीं पहुंचीं। उन्होंने महापौर पर अपनी जिम्मेदारी निभाने में विफल रहने का आरोप लगाया, जिससे जनता में आक्रोश बढ़ गया।
एनएसयूआई की पहली मांग है कि महापौर जनता से हाथ जोड़कर माफी मांगें। केवलतानी ने कहा, “चुनाव में वोट मांगने जनता के घर पहुंचने वाली महापौर इस मामले में क्यों सामने नहीं आतीं? जनता को जवाब चाहिए।”
एनएसयूआई का अनुमान है कि लगभग 30 से 40 हजार लोगों ने यह दूषित पानी पिया होगा। इसलिए, उनकी दूसरी मांग है कि प्रभावित सभी लोगों का नि:शुल्क स्वास्थ्य परीक्षण कराया जाए, ताकि भविष्य में किसी भी बीमारी का खतरा न रहे।
तीसरी मांग के अनुसार, जल घर की सुरक्षा व्यवस्था पूरी तरह मजबूत की जाए, ताकि ऐसी घटना दोबारा न हो। एनएसयूआई ने आरोप लगाया कि निगम अधिकारी विकास कार्य छोड़कर केवल ‘कमीशन’ तक सीमित रह गए हैं, जिससे पूरी व्यवस्था चरमरा गई है।
इस मामले पर नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि उन्हें ‘आपकी सरकार ने क्या किया’ का जवाब मिला।

नगर निगम के नेता प्रतिपक्ष संजय कोहले भी धरना स्थल पहुंचे। उन्होंने कहा कि उन्होंने महापौर और आयुक्त को इस मुद्दे पर गंभीरता से अवगत कराया था, लेकिन उनका जवाब बेहद गैर-जिम्मेदाराना रहा।
कोहले ने कहा- हम जनता के स्वास्थ्य की बात कर रहे हैं, और निगम का जवाब था- ‘आपकी सरकार ने क्या किया।’ जबकि पिछले आठ-नौ महीने से निगम सत्ता में वही लोग हैं। जवाबदेही से भागा नहीं जा सकता।”
मांगें पूरी ना हुईं तो उग्र आंदोलन
एनएसयूआई ने चेतावनी दी कि यह शांतिपूर्ण भूख हड़ताल उनकी पहली कार्रवाई है। यदि मांगें पूरी नहीं की गईं तो संगठन उग्र आंदोलन करेगा।
पूर्व महापौर धीरज बाकलीवाल भी पहुंचे समर्थन में
धरना स्थल पर पूर्व महापौर धीरज बाकलीवाल, नेता प्रतिपक्ष संजय कोहले और कांग्रेस पार्षद भी पहुंचे और एनएसयूआई की मांगों का समर्थन किया। उन्होंने कहा कि यह घटना पूरे शहर के लिए शर्मनाक और खतरनाक है तथा जिम्मेदारों पर कड़ी कार्रवाई जरूरी है।
घटना के दिन की स्थिति
बता दें कि कुछ दिन पूर्व जल घर में सुबह पानी खोलते समय कर्मचारियों ने टैंक के अंदर एक शव को तैरते देखा। जांच में पाया गया कि शव करीब तीन दिन पुराना था। इसी टैंक से रोजाना हजारों घरों में पानी सप्लाई होती है। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। नगर निगम ने फिलहाल पानी की सप्लाई रोककर टैंक की सफाई शुरू कराई है।
मामले में महापौर अलका बाघमार से उनका पक्ष जानने पहुंचे तो वह क्षेत्र के दौरे पर निकल चुकी थी ।