Death due to negligence, another FIR registered against BSP management | भिलाई स्टील प्लांट में मशीन गिरने से मजदूर की मौत: डेढ़ महीने बाद प्रबंधन पर मामला दर्ज; तीन महीने में ये 5वीं FIR – durg-bhilai News

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January 4, 2026



दुर्ग जिले के भिलाई इस्पात संयंत्र के एसएमएस-02 क्षेत्र में 15 नवंबर 2025 को हुए एक दर्दनाक हादसे में 42 वर्षीय मजदूर की मौत हो गई थी। करीब डेढ़ महीने के बाद अब भिलाई भट्टी थाना पुलिस ने बीएसपी प्रबंधन पर लापरवाही बरतने के मामले में अपराध दर्ज कर लिया

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इस एफआईआर को मिलाकर अब तक बीएसपी प्रबंधन पर पिछले 3 महीने में ये 5वीं एफआईआर है। इससे पहले बीएसपी प्रबंधन के खिलाफ दो एफआईआर नवंबर और दो एफआईआर दिसंबर महीने में दर्ज हुए हैं। वहीं एक जनवरी 2025 में बीएसपी के क्रेन ऑपरेटर के खिलाफ एफआईआर दर्ज किया गया था।

कार्य के दौरान टूट गया था विंच मशीन का हिस्सा

3 जनवरी 2026 में दर्ज एफआईआर के मुताबिक, निर्माणाधीन ईसीआर भवन में कार्य के दौरान विंच मशीन का एक हिस्सा अचानक टूट गया, जिससे मशीन के साथ नीचे गिरने से मजदूर को सिर और शरीर में गंभीर चोटें आईं।

घायल अवस्था में उसे तत्काल भिलाई इस्पात संयंत्र के मेन मेडिकल पोस्ट-1 अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने जांच के बाद ‘ब्रॉट डेड’ घोषित कर दिया।

पुलिस ने मर्ग कायम करने के बाद शुरू की थी जांच

मृतक की पहचान भिलाई शंकर पारा के रहने वाले देवेन्द्र चंद्राकर (42 वर्ष) के रूप में हुई थी। घटना की सूचना रात 8 बजे थाना भिलाई भट्टी में दी गई, जिसके बाद मर्ग क्रमांक 39/2025 धारा 194 बीएनएसएस के तहत मर्ग कायम कर जांच शुरू की गई थी।

जांच में बीएसपी प्रबंधन की लापरवाही उजागर

मर्ग जांच के दौरान सामने आया कि घटना में भिलाई इस्पात संयंत्र प्रबंधन की ओर से सुरक्षा मानकों की अनदेखी और उपेक्षापूर्ण लापरवाही बरती गई। आवश्यक सुरक्षा उपायों के अभाव में कार्य कराए जाने के तथ्य पाए गए।

जांच के आधार पर थाना भिलाई भट्टी में प्रकरण दर्ज करते हुए धारा 106(1) एवं 289 बीएनएस के तहत अपराध पंजीबद्ध कर विवेचना में लिया गया है।

घटना की सूचना एसडीएम भिलाई नगर को भी अलग से भेजी गई है। मृतक के परिजनों ने प्रबंधन पर गंभीर आरोप लगाते हुए दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई और उचित मुआवजे की मांग की है।

जानिए… इससे पहले कब-कब बीएसपी प्रबंधन पर दर्ज हुई एफआईआर

पहली FIR : 4 नवंबर 2025

25 जुलाई 2025 को ठेका श्रमिक को सुपरवाइजर ने बैटरी नंबर 5-6 एमसीआर के उपर गैस पाइप लाइन के ज्वाइंट डमी हटाने का कार्य सौंपा गया। इस कार्य में गर्म ज्वलनशील पदार्थ पैर पर गिरने से दोनों पैर घुटने के नीचे तक जल गया।

इलाज के लिए पहले एमएमपी-1 और उसके बाद सेक्टर-9 अस्पताल ले गए। हादसे में गंभीर रूप से घायल होने के बाद प्रार्थी ने पुलिस से शिकायत की थी। जिसके बाद पुलिस ने बीएसपी प्रबंधन और ठेका कंपनी के खिलाफ अपराध पंजीबद्ध किया था।

दूसरी एफआईआर : 13 नवंबर 2025

25 अप्रैल 2023 को दोपहर 3.15 बजे ठेका श्रमिक रंजित सिंह (38 वर्ष) एसएमएस 2 कन्टिनुअस कास्टिंग शाप कास्टर नंबर 6 में इक्यपूमेंट कुलिंग पाईप लाईन को बदलने के लिए पाइप को शिफ्टिंग करने का कार्य कर रहे थे। कार्य के दौरान कार्यक्षेत्र में ज्वलनशील पदार्थ में आग लगने से वे पूरी तरह झुलस गए थे। इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई थी।

प्रबंधन की लापरवाही की वजह से कार्य कर रहे ठेका श्रमिकों में राजू तांडी, रमेश मौर्य, अमित सिंह भी आग से झुलस गए थे। जांच के बाद बीएसपी प्रबंधन की लापरवाही सामने आने पर घटना के करीब 2 साल बाद बीएसपी प्रबंधन पर पुलिस ने एफआईआर दर्ज की।

तीसरी एफआईआर : 8 दिसंबर 2025

5 दिसंबर 2025 को पुष्पा साहू (42 वर्ष) OHP के हाफ एरिया वागन टिप्पलर नंबर 4 के नीचे J3C2 के पास सफाई कार्य कर रही थी। उसी वक्त लोहे का पाईप जो जंग लगकर जर्जर हो गया था एवं उसके अंदर मिट्टी एवं डस्ट भरा होने की वजह से टूटकर उसके ऊपर गिर गया था।

ज्यादा चोट लगने से पुष्पा के सिर से ज्यादा खुन निकलने लगा था, जिससे बाद में उसकी मौत हो गई थी। पुलिस ने इस मामले में प्रबंधन की लापरवाही मानते हुए शिकायत के आधार पर अपराध दर्ज किया है।

चौथी एफआईआर : 12 दिसंबर 2025

11 दिसंबर 2025 को कोक ओवन सीसीडी-3 बैटरी 11 के पास ठेका श्रमिक महेंद्र कुमार चेलक द्वारा अमोनिया एक्सीस लीकर पंप के वाल्व को खोलते समय डिस्चार्ज लाईन का पेकिंग ब्लास्ट हो जाने से अत्याधिक ज्वलन तरल पदार्थ दोनों हाथ, पेट और दाहिने गाल में पड़ने से चमड़ी जल गया और फफोला पड़ गया।

जिसका इलाज सेक्टर-9 अस्पताल में करवाया गया। भिलाई इस्पात सयंत्र प्रबंधन द्वारा उपेक्षा एवं लापरवाहीपूर्वक कार्य करवाने की वजह से इस मामले में भी एफआईआर दर्ज हुआ।

बीएसपी के क्रेन ऑपरेटर पर भी हुआ अपराध दर्ज

31 जनवरी 2025 को सेकेंड शिफ्ट में नौकरी करते हुए ओम प्रकाश (54 वर्ष) की मौत हो गई थी। ओम प्रकाश ठेका कंपनी ग्रिप स्ट्रेपिंग टेक्नालाजिस प्राइवेट लिमिटेड के अधीन मर्चेंट मिल फिनिशिंग एरिया में अन स्किल्ड वर्कर ठेका श्रमिक के रूप में कार्यरत था।

शिपिंग लाइन नंबर 190 मर्चेंट मील फिनिशिंग में क्रेन नंबर 10 से आंतरिक वैगन में लोडिंग के दौरान लोहे का एंगल का बंडल को स्लिंग से उठा कर रखते समय स्लिंग टुटने/ छुटने से लोहे के एंगल का बंडल एकाएक ओम प्रकाश के ऊपर गिर गया। इससे उसकी मौत हो गई थी।

1 फरवरी 2025 को इस मामले में भिलाई भट्टी पुलिस ने बीएसपी के क्रेन नंबर 10 ऑपरेटर के खिलाफ अपराध पंजीबद्ध किया था।



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