बिलासपुर के शासकीय पूर्व माध्यमिक विद्यालय नेवारी के प्रभारी प्रधान पाठक हितेंद्र तिवारी को शराब के नशे में धुत पाए जाने के बाद संयुक्त संचालक शिक्षा ने निलंबित कर दिया है। कथित शिक्षक का वीडियो वायरल होने के बाद प्रशासन ने स्वास्थ्य एवं शिक्षा विभाग
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हितेंद्र तिवारी के खिलाफ शराब पीकर स्कूल आने की लगातार शिकायतें मिल रही थीं। नेवारी के सरपंच ने एक वीडियो शिक्षा विभाग के अधिकारियों को भेजा, जिसमें शिक्षक नशे की हालत में था और बच्चे उसे सहारा दे रहे थे। इस वीडियो के सामने आने के बाद संयुक्त संचालक ने निलंबन के आदेश जारी किए।
इधर, तंबाकू नियंत्रण कार्यक्रम और मानसिक स्वास्थ्य कार्यक्रम के तहत स्वास्थ्य और शिक्षा विभाग द्वारा संयुक्त रूप से नोडल अधिकारियों के लिए एक दिवसीय कार्यशाला सह उन्मुखीकरण का आयोजन दीक्षित सभा भवन में किया गया। इस अवसर पर कलेक्टर संजय अग्रवाल ने कहा कि बच्चों को प्रेरित करने में शिक्षकों की महत्वपूर्ण भूमिका होती है और वे नशा मुक्त समाज बनाने में अहम योगदान दे सकते हैं।
कार्यशाला में वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक रजनेश सिंह, सीएमएचओ डॉ. शुभा गढ़ेवाल और जिला शिक्षा अधिकारी विजय टांडे सहित अन्य अधिकारी मौजूद थे।

नशे के सौदागरों के बारे में पुलिस को सूचित करें उन्होंने कहा कि“बच्चों पर अधिक सजगता से ध्यान दें, उन्हें नशे की लत से बचाएं और बेहतर दिशा प्रदान करें। नशे के सौदागरों की जानकारी मिलने पर तुरंत पुलिस को सूचित करें। जागरूकता ही नशे से मुक्ति का सशक्त माध्यम है।
सामूहिक प्रयास जरूरी: रजनेश सिंह वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक रजनेश सिंह ने भी नशे के दुष्प्रभावों पर प्रकाश डालते हुए कहा कि नशा कई सामाजिक बुराइयों की जड़ है और पुलिस के साथ सामाजिक संगठनों और नागरिकों को भी नशे के खिलाफ आवाज उठानी होगी, सामूहिक प्रयासों से ही नशे से समाज को दूर रखा जा सकता है।
उन्होंने कहा कि पुलिस प्रशासन द्वारा तत्परता से नशे के सौदागरों के विरुद्ध कार्यवाही की जा रही है। ब्रह्मकुमारी की स्वाति दीदी ने सत्र में कहा कि नशा बहुत सी बुराइयों की जड़ है। यदि हम अपने बच्चों और समाज को इससे मुक्त कर सकें तो यह बड़ी उपलब्धि होगी।
कार्यशाला में विभिन्न शिक्षकों ने अपने अनुभव साझा किए। रतनपुर के शिक्षक अशोक शर्मा और घुटकू के शिक्षक रोहित भांगे ने बताया कि उन्होंने कैसे बच्चों को नशे से दूर रहने की प्रेरणा दी और परिवारों को भी इस दिशा में जागरूक किया।

नशा मुक्ति अभियान में 400 शिक्षक जुटे उल्लेखनीय है कि नशा मुक्त भारत अभियान में जिले के 400 से अधिक शिक्षक स्वेच्छा से अपनी भागीदारी निभा रहे हैं और स्कूली छात्रों को नशे से दूर रहने और सकारात्मक कार्यों के लिए प्रेरित करने में अपनी भूमिका का निर्वाहन कर रहे हैं।