दुर्ग पुलिस ने साइबर ठगी में इस्तेमाल किए जा रहे बंधन बैंक के ‘म्यूल अकाउंट’ रैकेट का भंडाफोड़ किया है। सुपेला थाना और एसीसीयू यूनिट की संयुक्त कार्रवाई में 27 खातों के जरिए 1 करोड़ 20 लाख 57 हजार 549 रुपये के अवैध लेनदेन का खुलासा हुआ है। पुलिस ने इ
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भिलाई नगर के सीएसपी सत्यप्रकाश तिवारी ने बताया कि यह जांच भारत सरकार के गृह मंत्रालय द्वारा संचालित “समन्वय पोर्टल” से प्राप्त जानकारी के आधार पर शुरू की गई थी। लगभग एक महीने पहले मामला दर्ज कर तहकीकात शुरू की गई।
पोर्टल की रिपोर्ट में सामने आया कि बंधन बैंक की नेहरू नगर शाखा में खोले गए कई खातों का उपयोग साइबर अपराधियों द्वारा धोखाधड़ी की रकम के लेनदेन और उसे वैध दिखाने के लिए किया जा रहा था।



साइबर ठगी के 27 खातों में अवैध लेनदेन का मामला दर्ज
पुलिस जांच में पता चला कि इन 27 खातों में साइबर ठगी से प्राप्त अवैध रकम को लगातार ट्रांसफर किया जा रहा था ताकि उसे वैध लेनदेन के रूप में दिखाया जा सके। इस आधार पर थाना सुपेला में अपराध दर्ज कर कार्रवाई की गई।
जांच के दौरान, जिन खातों में ठगी की रकम पाई गई थी, उनके खाताधारकों को पूछताछ के लिए बुलाया गया। पूछताछ में यह स्पष्ट हुआ कि आरोपियों ने कुछ पैसों के लालच में अपने बैंक खाते साइबर अपराधियों को इस्तेमाल करने के लिए दे दिए थे।



इन आरोपियों को पुलिस ने पकड़ा
गिरफ्तार किए गए आरोपियों में रंजीत महानंद (रावणभांठा सुपेला), परमीला बाई जंघेल (शिवाजी नगर खुर्सीपार), के. आकाश राव (सेक्टर 2, भिलाई), विपिन कुमार सिरसाम (रिसाली), मानवी बेरी (सेक्टर 4 भिलाई), आशीष गुप्ता (दीनदयाल कॉलोनी), पिंकी कुर्रे (आदित्य नगर) और एक अन्य आरोपी शामिल हैं।
सभी आरोपियों को विधिवत गिरफ्तार कर न्यायिक प्रक्रिया के तहत आगे की कार्रवाई की जा रही है। पुलिस अन्य खाताधारकों की तलाश में जुटी हुई है।