कांग्रेस से निष्कासित पूर्व विधायक बृहस्पति सिंह ने फिर से पूर्व मंत्री टीएस सिंहदेव पर हमला बोला है। बृहस्पति ने कहा कि टीएस सिंहदेव के कहने पर मल्लू पाठक (सरगुजा कांग्रेस जिलाध्यक्ष) मेरे खिलाफ FIR करने थाने पहुंचे थे। सिंहदेव चाहते हैं, कि आदिवासी
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बृहस्पति ने कहा कि सामंत के अधीन सरगुजा कांग्रेस रहे, यह स्वीकार्य नहीं है। पूर्व विधायक बृहस्पति सिंह ने शनिवार को बयान दिया था कि कांग्रेस प्रदेश सह प्रभारी जरिता लैतफलांग पर जिलाध्यक्ष बनाने के नाम पर दावेदारों से सह प्रभारी 5 से 7 लाख रुपए तक की रिश्वत मांग रही है।
बलरामपुर, बैकुंठपुर, अंबिकापुर, सूरजपुर और जशपुर जिलों से लगातार शिकायतें मिल रही हैं। दावेदारों को एक नंबर से कॉल आ रहे हैं। जिसमें खुद को जरिता मैडम का पीए बताकर कहा जाता है कि जरिता जी बात करेंगी, फिर एक महिला की आवाज में 5 से 7 लाख दो, जिलाध्यक्ष बना देंगे, जैसी बातें कही जा रही हैं।

कांग्रेस ने कोतवाली में FIR के लिए दिया है आवेदन
FIR दर्ज करने सरगुजा कांग्रेस ने सौंपा है ज्ञापन
पूर्व विधायक बृहस्पति सिंह के बयान को लेकर कांग्रेस जिलाध्यक्ष बालकृष्ण पाठक (मल्लू पाठक) कांग्रेस नेताओं के साथ अंबिकापुर कोतवाली थाने में FIR दर्ज कराने पहुंचे। उन्होंने कोतवाली थाने पहुंचकर बृहस्पति सिंह के खिलाफ FIR दर्ज करने के लिए आवेदन सौंपा।
कांग्रेस जिलाध्यक्ष बालकृष्ण पाठक ने कहा कि यह कि बृहस्पति सिंह उटपटांग बयान देते रहते हैं। वे कांग्रेस से निष्कासित हैं। पूर्व में जब प्रदेश में भूपेश सरकार बने ढाई साल हुए तो उन्होंने टीएस सिंहदेव पर आरोप लगाया था कि सिंहदेव अपने भतीजे के माध्यम से मेरी हत्या करना चाहते हैं।
पाठक ने कहा कि साजिश के तहत कांग्रेस को कमजोर करने और बड़े नेताओं को बदनाम करने के लिए बृहस्पति ऐसा बयान देते हैं। कोतवाली थाने में मानहानि का अपराध दर्ज करने के लिए आवेदन सौंपा गया है।
कांग्रेस जिलाध्यक्ष व सिंहदेव पर फिर दिया बयान
सरगुजा में एफआईआर के लिए आवेदन देने को लेकर बृहस्पति सिंह ने कहा कि वे मल्लू पाठक को व्यक्तिगत रूप से भी जानते हैं। उन्होंने टीएस सिंहदेव के खिलाफ चुनाव भी लड़ा था। टीएस सिंहदेव निर्दलीय चुनाव लड़े थे, जबकि मल्लू पाठक कांग्रेस के उम्मीदवार के रूप में चुनाव लड़े थे।
बृहस्पति सिंह ने कहा कि मल्लू पाठक ने एक गंभीर अपराध किया था और कई माह तक रामानुजगंज में छिपे थे। उनकी यह मजबूरी है कि वे महाराजा सरगुजा (टीएस सिंहदेव) का जो हुकुम होता है, वही मल्लू पाठक करते हैं।
उनका आदेश हुआ है कि उस आदिवासी को जैसे भी एफआईआर करके दबाया जाए। इसलिए उन्होंने हमारे खिलाफ शायद FIR कराने आवेदन दिया है।
बृहस्पति सिंह ने कहा कि इनके ऐसा करने से मैं डरने वाला नहीं हूं। मैं चाहता हूं आजादी, बोलने की आजादी, काम करने की आजादी। कांग्रेस लोकतांत्रिक तरीके से काम कर सके, इसकी आजादी। मैं नहीं चाहता कि मल्लू पाठक की तरह, सामंत शाहों के कब्जे में रहकर सरगुजा कांग्रेस की राजनीति चले, मैं ऐसा नहीं चाहता।
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छत्तीसगढ़ में कांग्रेस जिलाध्यक्षों की नई सूची अभी नहीं आई है, लेकिन हर दिन नए विवाद सामने आ रहे हैं। अब कांग्रेस से निष्कासित पूर्व विधायक बृहस्पति सिंह ने कांग्रेस प्रदेश सह प्रभारी जरिता लैतफलांग पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने कहा कि जिलाध्यक्ष बनाने के नाम पर दावेदारों से सह प्रभारी 5 से 7 लाख रुपए तक की रिश्वत मांग रही है।
बृहस्पति सिंह का कहना है कि, बलरामपुर, बैकुंठपुर, अंबिकापुर, सूरजपुर और जशपुर जिलों से लगातार शिकायतें मिल रही हैं। दावेदारों को एक नंबर से कॉल आ रहे हैं। जिसमें खुद को जरिता मैडम का पीए बताकर कहा जाता है कि जरिता जी बात करेंगी, फिर एक महिला की आवाज में ‘5 से 7 लाख दो, जिलाध्यक्ष बना देंगे’ जैसी बातें कही जा रही हैं।
बृहस्पति सिंह ने कांग्रेस की पूर्व छत्तीसगढ़ प्रभारी कुमारी शैलजा पर भी बड़ा आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि विधानसभा टिकट बांटने के वक्त भी शैलजा ने कई प्रत्याशियों से पैसे वसूले थे। शैलजा की वजह से छत्तीसगढ़ कांग्रेस कमजोर हुई और अब वही सिलसिला फिर दोहराया जा रहा है।