एनजीओ को 5 करोड़ रुपए का कॉर्पोरेट डोनेशन दिलाने का झांसा देकर 20.50 लाख रुपये की ठगी करने वाले आरोपी को दुर्ग पुलिस ने बिहार से गिरफ्तार किया है। आरोपी संतोष तिवारी (37 वर्ष) लंबे समय से फरार चल रहा था। पुलिस ने टेक्निकल इंटेलिजेंस की मदद से उसकी लो
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आरोपी को बिहार से गिरफ्तार कर लाई पुलिस।
ऑनलाइन लिए 20 लाख से ज्यादा रुपए पद्मनाभपुर निवासी कृष्णकांत शर्मा ने पुरानी भिलाई थाने में शिकायत दर्ज कराई थी। उन्होंने बताया कि इंदौर स्थित एक एनजीओ को डोनेशन दिलाने के नाम पर संतोष तिवारी ने उनसे संपर्क किया। उसने कॉर्पोरेट कंपनी से 5 करोड़ रुपये का डोनेशन दिलवाने का दावा किया। इसके एवज में तिवारी ने स्कैनर कोड भेजकर यूपीआई ट्रांजेक्शन के माध्यम से 20.50 लाख रुपए ले लिए।
मोबाइल बंद कर फरार हो गया था आरोपी पैसे लेने के बाद एनजीओ को न तो डोनेशन दिलाया गया और न ही रकम वापस की गई। जब पीड़ित ने बार-बार संपर्क करने की कोशिश की तो आरोपी मोबाइल बंद कर फरार हो गया। आवेदक की शिकायत पर थाना पुरानी भिलाई में आरोपी के खिलाफ बीएनएस की धारा 318(4) के तहत अपराध दर्ज किया गया। विवेचना के दौरान आरोपी का पता लगाने पुलिस की टीम दिल्ली और बिहार रवाना हुई।
दिल्ली में नहीं मिला कोई सुराग निशानदेही के आधार पर आरोपी के दिल्ली पते पर छानबीन की गई, लेकिन वह वहां नहीं मिला। इसके बाद दुर्ग पुलिस ने तकनीकी सुरागों का पीछा किया और संतोष तिवारी को उसके पैतृक गांव आशा पड़री, थाना सिमरी, जिला बक्सर (बिहार) से गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ में तिवारी ने अपना जुर्म कबूल किया। उसे 30 सितंबर 2025 को विधिवत गिरफ्तार कर भिलाई लाया गया।
ठगी का बन रहा नया पैर्टन पुलिस की प्राथमिक जांच में सामने आया है कि आरोपी समाजसेवा और एनजीओ को निशाना बना रहा है। कई एनजीओ को बड़ी-बड़ी कंपनियों से डोनेशन दिलाने के नाम पर लोगों को भरोसे में लेता था। वह खुद को कॉर्पोरेट कंपनियों से जुड़ा बताता और करोड़ों का फंड दिलाने का झांसा देकर मोटी रकम वसूल लेता था। फिलहाल आरोपी को न्यायालय में पेश किया जाएगा। पुलिस उसके अन्य संपर्कों और पुराने मामलों की जांच में जुटी है।