Guidelines for pandals and events during Ganesh festival | गणेशोत्सव गाइडलाइन: मुख्य चौराहों पर अनुमति नहीं: 7 दिन पहले आवेदन, बड़े पंडालों को देना होगा ले-आउट मैप, फायर एग्जिट जरूरी,नियम तोड़ने पर होगा एक्शन – Chhattisgarh News

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August 27, 2025


छत्तीसगढ़ में गणेशोत्सव और सार्वजनिक आयोजनों को लेकर नगरीय प्रशासन विभाग ने गाइडलाइन जारी की है। बिना अनुमति किसी भी सार्वजनिक स्थान पर पंडाल, धरना, जुलूस, सभा या रैली नहीं होगी। पंडाल और अन्य भवनों के बीच 15 फीट (45 मीटर) खुली जगह अनिवार्य है।

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बिजली की तारों के नीचे पंडालों बनाने की अनुमति नहीं है। बड़े पंडाल का ले आउट मैप पहले ही देना होगा। वहीं, आयोजन स्थल पर फायर एग्जिट, अग्निशमन यंत्र, फर्स्ट एड बॉक्स रखना जरुरी है। फेस्टिवल के दौरान कोई कार्यक्रम कराने के लिए आवेदन कम से कम 7 दिन पहले देना होगा।

गणेश उत्सव के दौरान कोई कार्यक्रम के लिए आवेदन कम से कम 7 दिन पहले देना होगा।

गणेश उत्सव के दौरान कोई कार्यक्रम के लिए आवेदन कम से कम 7 दिन पहले देना होगा।

500 लोगों और 5000 वर्गफीट तक के आयोजनों के लिए नियम

ऐसे आयोजन का आवेदन प्रारूप-A में देना होगा। जरूरत पड़ने पर सक्षम अधिकारी अन्य विभागों से एनओसी ले सकते हैं। मुख्य सड़क या चौराहे पर पंडाल की अनुमति नहीं मिलेगी। अगर अनुमति दी जाती है तो वैकल्पिक मार्ग अनिवार्य होंगे।

आयोजन समिति को आयोजन के तुरंत बाद स्थल की साफ-सफाई करनी होगी। अस्थायी शौचालय, पानी और कचरा प्रबंधन की जिम्मेदारी आयोजक की होगी। अनुमति मिलने के बाद भी आयुक्त/सीएमओ कभी भी अनुमति निरस्त कर सकते हैं।

आयोजन समिति को आयोजन के तुरंत बाद स्थल की साफ-सफाई करनी होगी।

आयोजन समिति को आयोजन के तुरंत बाद स्थल की साफ-सफाई करनी होगी।

बड़े आयोजनों के लिए नियम

इसके लिए आवेदन प्रारूप-C में जमा होगा। इसके साथ अनिवार्य रूप से अनुविभागीय दंडाधिकारी (राजस्व विभाग), थाना प्रभारी (पुलिस विभाग), जिला सेनानी होमगार्ड (अग्निशमन विभाग), कार्यपालन अभियंता/सहायक अभियंता (विद्युत विभाग) एनओसी लगाना होगा। वही अनुमति का निर्णय भी 3 दिनों में होगा।

अन्य जरूरी नियम

  • आयोजकों को पंडाल स्थल पर सीसीटीवी कैमरे लगाने होंगे।
  • स्वयंसेवकों की पहचान-पत्र सहित पर्याप्त संख्या में तैनाती करनी होगी।
  • आयोजन समिति का नाम और सदस्यों की सूची स्थल पर प्रदर्शित करना अनिवार्य है।
  • पंडाल का लेआउट/मैप स्पष्ट रूप से प्रदर्शित होना चाहिए।
  • पार्किंग के लिए अलग स्थान चिह्नित करना होगा।
  • सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान होने पर उसकी भरपाई आयोजकों से वसूली जाएगी।
  • अनुमति मिलने के बाद भी आयुक्त/सीएमओ किसी भी समय अनुमति रद्द कर सकते हैं।
  • सक्षम अधिकारी जिला कलेक्टर और पुलिस अधीक्षक की सहमति से अन्य शर्तें भी जोड़ सकते हैं।



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