Health services paralysed due to NHM employees’ agitation | NHM कर्मचारियों के आंदोलन से स्वास्थ्य सेवाएं ठप: बिलासपुर में नियमितीकरण-वेतनवृद्धि को लेकर प्रदर्शन, मितानिनों ने भी 3 सूत्रीय मांगों को लेकर निकाली रैली – Bilaspur (Chhattisgarh) News

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August 19, 2025


छत्तीसगढ़ में राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (NHM) के 16 हजार से अधिक कर्मचारी अपनी 10 सूत्रीय मांगों को लेकर अनिश्चितकालीन हड़ताल पर हैं। बिलासपुर में NHM कर्मचारियों ने कोन्हेर गार्डन में प्रदर्शन किया। इसके अलावा मितानिनों ने भी 3 सूत्रीय मांगों को लेकर

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दरअसल, NHM कर्मचारियों के नियमितीकरण, ग्रेड पे, पब्लिक हेल्थ कैडर की स्थापना और लंबित 27% वेतनवृद्धि जैसी मांगों को लेकर चल रहे इस आंदोलन के कारण प्रदेश की स्वास्थ्य व्यवस्था बुरी तरह प्रभावित हो गई है।

हड़ताल के चलते प्रभावित सेवाएं

  • अस्पतालों में मरीजों को दवाइयाँ नहीं मिल रहीं
  • नवजात शिशु वार्ड और पोषण आहार केंद्र बंद
  • शुगर, ब्लड टेस्ट, ट्रूनाट, सीबीनाट बलगम जांच और नेत्र परीक्षण पूरी तरह ठप
  • स्कूल और आंगनबाड़ी में स्वास्थ्य परीक्षण रुके
  • रूटीन टीकाकरण बंद
  • टीबी, मलेरिया, कुष्ठ जैसे रोगियों को दवाइयां नहीं मिल रहीं
  • सुदूर ग्रामीण और शहरी अस्पतालों में अव्यवस्था, कई अस्पताल बंद होने की कगार पर
NHM कर्मचारियों गार्डन में नारेबाजी कर जताया विरोध।

NHM कर्मचारियों गार्डन में नारेबाजी कर जताया विरोध।

एनएचएम कर्मचारी संघ के प्रदेश अध्यक्ष डॉ. अमित मिरी और प्रदेश प्रवक्ता पूरन दास ने बताया कि, उन्होंने कई बार मुख्यमंत्री, स्वास्थ्य मंत्री और वरिष्ठ अधिकारियों से मुलाकात की, लेकिन उनकी जायज मांगों की लगातार अनदेखी की गई। यहां तक कि जिन मांगों पर स्वीकृति मिल चुकी है, उन पर भी आदेश जारी नहीं किए गए। इसी से नाराज होकर कर्मचारी हड़ताल पर हैं।

जिला बिलासपुर से कार्यकारी प्रांत अध्यक्ष श्याम मोहन दुबे ने साफ शब्दों में कहा कि यदि सरकार ने जल्द ठोस निर्णय नहीं लिया, तो आंदोलन और अधिक उग्र किया जाएगा, जिसकी पूरी जिम्मेदारी शासन की होगी।

बड़ी संख्या में सड़कों पर उतरीं मितानिन

बड़ी संख्या में सड़कों पर उतरीं मितानिन

रिवर व्यू से नेहरू चौक तक निकाली रैली

इसके अलावा जिले भर की मितानिन आज बड़ी संख्या में सड़कों पर उतर आईं। उन्होंने रिवर व्यू से नेहरू चौक तक रैली निकालकर प्रदर्शन किया। हजारों की संख्या में एकत्रित होकर मितानिन संघ ने अपनी तीन सूत्रीय मांगों को लेकर जमकर नारेबाजी की।

एनजीओ प्रथा को समाप्त करने की मांग

प्रदर्शनकारी मितानिनों ने वेतन वृद्धि, उन्हें सरकारी कर्मचारी घोषित करने और एनजीओ प्रथा को समाप्त करने की मांग की। मितानिनों का कहना है कि वे सालों से स्वास्थ्य सेवाओं में अहम भूमिका निभा रही हैं, लेकिन आज भी उन्हें उचित मान्यता और सम्मान नहीं मिल पा रहा है।

इस बड़े प्रदर्शन से शहर की सड़कों पर भीड़ जमा हो गई और प्रशासनिक हलकों में भी हलचल मच गई है। मितानिनों ने चेतावनी दी है कि अगर जल्द उनकी मांगें नहीं मानी गईं, तो आंदोलन और तेज किया जाएगा।



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