बलरामपुर जिले के पिपराही गांव में भारी बारिश के कारण एक अस्थायी बांध टूटने की कगार पर पहुंच गया था। लेकिन प्रशासन ने तुरंत जेसीबी मशीन की व्यवस्था की और वैकल्पिक सुरक्षा उपाय अपनाए। जिससे एक बड़ा हादसा टल गया।
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वहीं, जिले के कुसमी विकासखंड अंतर्गत लवकशपुर-केवझर मार्ग पर प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत बनी एक पुलिया बुधवार देर शाम ध्वस्त हो गई। इससे इस रोड पर आवाजाही पूरी तरह बाधित हो गया है।
भारी बारिश के कारण कमजोर पड़ा बांध
पिपराही गांव में भारी बारिश के कारण एक अस्थायी बांध कमजोर होकर टूटने की स्थिति में आ गया। स्थिति बिगड़ते देख ग्राम सरपंच प्रेमनी सिंह ने तत्काल नगर पालिका उपाध्यक्ष दिलीप सोनी को सूचना दी। नपा उपाध्यक्ष सूचना ने मामले की जानकारी एसडीएम अभिषेक गुप्ता को दी।
एसडीएम के निर्देश पर राजस्व अमला और दिलीप सोनी मौके पर पहुंचे। जिसके बाद जेसीबी मशीन की व्यवस्था की और वैकल्पिक सुरक्षा उपाय अपनाए। ग्रामीणों और स्थानीय कर्मचारियों के सहयोग से स्थिति को नियंत्रण में लाया गया और बांध को टूटने से बचा लिया गया।
पहाड़ी क्षेत्र से लगातार हो रहा था पानी का रिसाव
एसडीएम अभिषेक गुप्ता ने बताया कि पहाड़ी क्षेत्र से लगातार पानी का बहाव हो रहा था, जिससे एक अस्थायी बांध जैसी स्थिति बन गई थी। समय रहते गंभीरता को देखते हुए राहत कार्य शुरू किया गया, जिससे एक बड़ी आपदा टल गई। फिलहाल, प्रशासन की निगरानी में बांध की मरम्मत और पानी की निकासी का कार्य जारी है ताकि भविष्य में ऐसी किसी भी स्थिति से बचा जा सके।
पानी के कारण पुलिया नींव की मिट्टी बही
वहीं, जिले के कुसमी विकासखंड अंतर्गत लवकशपुर-केवझर मार्ग पर प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत बनी एक पुलिया ध्वस्त हो गई। इससे इस मार्ग पर आवागमन पूरी तरह बाधित हो गया है। घटना की सूचना मिलते ही जिला पंचायत अध्यक्ष हीरामणि निकुंज और जनपद पंचायत अध्यक्ष बसंती भगत ने मौके पर पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया।
हीरामणि निकुंज ने बताया कि तीन-चार दिन पहले वे इसी मार्ग से गुजरी थीं, तब पुलिया सुरक्षित थी। पुलिया के नीचे से बह रहे पानी के कारण उसकी नींव की मिट्टी बह गई, जिससे यह क्षतिग्रस्त हो गई। उन्होंने मौके पर मौजूद इंजीनियरों को जल्द से जल्द वैकल्पिक व्यवस्था करने और मरम्मत कार्य शुरू करने के निर्देश दिए।

प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के कार्यपालन अभियंता गोपाल सिंह सिदार ने जानकारी दी कि वर्ष 2006 में 25.89 लाख रुपए की लागत से 2.6 किलोमीटर लंबी यह सड़क बनी थी। उन्होंने स्पष्ट किया कि जो पुलिया क्षतिग्रस्त हुई है, वह ग्राम पंचायत द्वारा अपने सीमांकन क्षेत्र में निर्मित की गई थी। ग्रामीणों ने शीघ्र मरम्मत कर आवागमन बहाल करने की मांग की है।