बलौदाबाजार जिला अस्पताल में हीमोफीलिया से पीड़ित मरीजों और उनके परिजनों को स्वयं देखभाल का प्रशिक्षण दिया गया। इंटास फाउंडेशन की पहल पर आयोजित इस विशेष शिविर में जीवनरक्षक दवा (फैक्टर) का भी वितरण किया गया। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (सीएमए
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शिविर का मुख्य उद्देश्य मरीजों को अपनी स्वास्थ्य देखभाल में सक्रिय भागीदार बनाना था। विशेषज्ञों की टीम ने रोगियों को ‘सेल्फ इन्फ्यूज़न’ की विधि का व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया, ताकि वे आपात स्थिति में स्वयं फैक्टर की वायल का सुरक्षित उपयोग कर सकें।



फिजियोथेरेपी के महत्व पर दी गई जानकारी
इसके अतिरिक्त, फिजियोथेरेपी के महत्व पर विस्तृत जानकारी दी गई और जोड़ों को सुरक्षित रखने के लिए सरल व्यायाम बताए गए। कार्यक्रम एक संवादात्मक मंच के रूप में भी कार्य किया, जहां मरीजों और परिजनों ने अपनी दैनिक चुनौतियों को साझा किया।
सीएमएचओ डॉ. अवस्थी और फाउंडेशन की टीम ने उनकी शंकाओं का समाधान किया और बेहतर जीवन प्रबंधन के सुझाव दिए। डॉ. अवस्थी ने इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे प्रशिक्षण मरीजों का आत्मविश्वास बढ़ाते हैं और अस्पताल पर उनकी निर्भरता कम करते हैं।