छत्तीसगढ़ के महासमुंद जिले में राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के तहत शिक्षकों के युक्तियुक्तकरण के बावजूद, राजनीतिक पहुंच वाले शिक्षकों का मनमाना संलग्नीकरण जारी है। शासन के स्पष्ट निर्देशों के बावजूद कई शिक्षक अपने मूल शैक्षणिक कार्य को छोड़कर अन्य विभा
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जिले में राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के तहत शिक्षकों का युक्तियुक्तकरण किया गया था, लेकिन आरोप है कि अधिकारी और नेताओं के चहेतों को इस प्रक्रिया से बाहर रखा गया। शिक्षा विभाग पर राजनीतिक संरक्षण प्राप्त शिक्षकों के प्रति मेहरबान होने का आरोप है।
विभाग एक ओर शत-प्रतिशत युक्तियुक्तकरण का दावा कर रहा है, वहीं दूसरी ओर कई शिक्षक अन्य विभागों में संलग्न होकर प्रशासनिक या लिपिकीय कार्य कर रहे हैं। इससे शिक्षण कार्य प्रभावित हो रहा है।

किया जाता है सभी नियम-कायदों को दरकिनार
शिक्षक संघ का कहना है कि जिले में सरकारी स्कूलों में पदस्थापना या अन्य विभागों में संलग्नीकरण के लिए राजनीतिक पहुंच या शिक्षा विभाग के अधिकारियों से सांठ-गांठ आवश्यक है। ऐसे मामलों में सभी नियम-कायदों को दरकिनार कर दिया जाता है, जबकि सामान्य शिक्षकों को नियमों का कड़ाई से पालन करना पड़ता है।
जिला मुख्यालय में ऐसे कई शिक्षक-शिक्षिकाएं हैं, जिन्होंने नौकरी में आने के बाद कभी स्कूलों में अध्यापन कार्य नहीं किया। अपनी राजनीतिक पहुंच के चलते वे पात्रता न रखते हुए भी समग्र शिक्षा में प्रतिनियुक्ति पर अधिकारी बन बैठे हैं। एक गृहमंत्री के रिश्तेदार को भी अपात्र होते हुए DMC बनाने का उल्लेख है।
मनमाने तरीके से युक्तियुक्तकरण करने का आरोप
शिक्षक संघ ने अधिकारियों पर मनमाने तरीके से युक्तियुक्तकरण करने का आरोप लगाया है, जिसमें वरिष्ठ को कनिष्ठ और कनिष्ठ को वरिष्ठ बताया गया। इस विसंगति से नाराज कई शिक्षक न्यायालय की शरण में जा चुके हैं। कुछ शिक्षक तो 16 जून को कार्यभार ग्रहण करने के बाद से स्कूल ही नहीं जा रहे हैं।
हालांकि, विभाग के अधिकारी इन आरोपों का खंडन करते हुए दावा कर रहे हैं कि जिले में कोई संलग्नीकरण नहीं है।

छत्तीसगढ़ शासन स्कूल शिक्षा विभाग के 2 सितंबर को शिक्षकों का संलग्नीकरण नहीं किए जाने का आदेश सभी कलेक्टर को जारी किया गया है। यह आदेश प्रदेश के सभी जिलों में सिवाए महासमुंद को छोड़कर लागू है। आदेश के बावजूद शिक्षकों का संलग्नीकरण खत्म नहीं किया गया। जबकि बीईओ की ओर से जिला शिक्षा अधिकारी को संलग्नीकरण की जानकारी देने के बाद भी राजनीतिक संरक्षण के कारण संलग्नीकरण समाप्त करने की बजाय ऐसे शिक्षकों को संरक्षण दिया जा रहा है।
विधायक के करीबी पर विभाग का संरक्षण
स्वामी आत्मानंद अंग्रेजी माध्यम स्कूल नयापारा के अपर डिवीजन शिक्षक डी बसंत साव भाजपा नेता के करीब माने जाते हैं। इन्हें नवकिरण एकेडमी में अटेंचमेंट के लिए बाकायदा कलेक्टर की अनुशंसा और डीईओ की ओर से नोटशीट चला है। बीईओ कार्यालय से 24 जून 2025 को नवकिरण एकेडमी में संलग्न सहायक शिक्षकों को मूल शाला में भेजने जानकारी भेजी गई थी।
यह सभी 2022 और 2024 से यश कुमार चक्रधारी शा. प्राथमिक शाला दलदली, विवेक कुमार चंद्राकर शा. प्राथमिक शाला घोड़ारी, परसराम कमार शा. प्राथमिक शाला बावकेरा और शा. उच्चतर माध्यमिक विद्यालय खट्टी भागवत पटेल ग्रंथपाल संलग्न है। जिन्हें शिक्षा विभाग ने युक्तियुक्तकरण नियमों से परे रखा है।
राजनीतिक प्रभाव में मनचाहे स्थान
प्रदेश के गृहमंत्री के रिश्तेदार भुरका स्कूल के प्रधान पाठक रेखराज शर्मा को अपात्र होते हुए भी प्रतिनियुक्ति में समग्र शिक्षा में जिला मिशन समन्वयक (डीएमसी) अधिकारी बना दिया गया। जबकि इस पद पर प्राचार्य स्तर के शिक्षकों को डीएमसी बनाया जाना होता है। लेकिन राजनीतिक रसूख के चलते पात्रता न होते हुए भी अधिकारी बनाकर बैठा दिया गया है।
इसी तरह बागबाहरा विकासखंड तुसदा हाई स्कूल के गणित की शिक्षिका संपा बोस तत्कालीन कांग्रेस सरकार में रहे विधायक के रहमो करम पर समग्र शिक्षा में सहायक परियोजना अधिकारी (एपीसी) बन गए और स्कूल में गणित विषय ही बंद हो गया।
2013 में बकमा शा. हाई स्कूल में पदस्थ हुए व्याख्याता विद्या साहू जिन्हें 2 साल परिवीक्षा अवधि पूरा करना था, लेकिन राजनीतिक प्रभाव के कारण एक ही साल यानी 2014 में प्रतिनियुक्ति लेकर समग्र शिक्षा में अटैच किया गया, जो आज भी है।

नए शिक्षा सत्र से स्कूल ही नहीं जाते
नए शिक्षा सत्र 16 जून से शुरू हो चुका है। अटैचमेंट में रहे शिक्षकों को युक्तियुक्तकरण के तहत हटाया गया है। लेकिन ऐसे भी शिक्षक हैं, जो ज्वाइनिंग देने के बाद से स्कूल ही नही जा रहें। सहायक शिक्षक आकांक्षा मिश्रा मुख्यालय से महज तीन किलोमीटर परसकोल में व्यवस्था में थी।
जिसे युक्तियुक्तकरण में प्राथमिक शाला रामाडबरी भेजा गया। लेकिन ज्वाइनिंग देने के बाद से स्कूल नही जा रहें हैं। विभाग ने शिक्षिका को दो स्पष्टीकरण जारी कर चुके हैं। इसी तरह विनोद कुमार पटेल बड़गांव प्राथमिक शाला जो 16 जून से अबतक स्कूल से गैरहाजिर है।

शिक्षक संघ के प्रांतीय उपाध्यक्ष ने कही ये बातें
छग शिक्षक संघ के प्रांतीय उपाध्यक्ष टेकराम सेन का कहना पहले युक्तियुक्तकरण में बहुत से विसंगति रहा है। राज्य शासन और जेडी स्तर पर ध्यानाकर्षण कराया गया था। तब कही जाकर विसंगति दूर हुई है। गैर स्कूली काम जो कर रहे हैं नियमानुसार कार्रवाई होनी चाहिए। विभाग को किसी प्रकार का भेद भाव नहीं करना चाहिए।
कोई भी संलग्नीकरण नहीं-डीईओ
जिला शिक्षा अधिकारी विजय कुमार लहरे ने कहा कि जिले में कोई भी संलग्नीकरण नहीं है। नवकिरण एकेडमी में प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी के जिला कार्यालय से व्यवस्था में लगाया गया है। और प्रतिनियुक्ति में समग्र शिक्षा में है, जो कलेक्टर के अनुमोदन से हुआ है।