सक्ती जिले के बाराद्वार स्थित गौठान में लगभग 200 गौवंशों की मौत का कथित मामला सामने आया है। नगर पंचायत द्वारा संचालित इस गौठान में कुल 400 गौ वंश रखे गए थे, जिनमें से अब केवल आधे ही बचे हैं। शेष बचे पशुओं में भी कई गंभीर रूप से बीमार बताए जा रहे हैं।
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आरोप है कि चारा और उपचार की कमी के कारण इतनी बड़ी संख्या में पशुओं की मौत हुई है। पूर्व सरकार की गौठान योजना के तहत पशुओं की देखरेख, चारा और उपचार की जिम्मेदारी तय थी। शेड निर्माण के लिए पैसे न मिलने पर तत्कालीन नगर पंचायत अध्यक्ष रेशमा सूर्यवंशी ने अपनी निधि से शेड बनवाया था।

नगर पंचायत द्वारा संचालित गौठान।
मृत पशुओं को गौठान परिसर के पास दफनाया
स्थानीय चरवाहे मालिक राम ने बताया कि गौठान में पहले लगभग 400 गायें थीं, जिनमें से करीब 200 की बीमारी से मौत हो चुकी है। कई पशु अभी भी बीमार हैं। मृत पशुओं को गौठान परिसर के पास ही दफनाया जा रहा है।

200 गायों की कथित मौत का आरोप।
नेता प्रतिपक्ष ने की कार्रवाई की मांग
नगर पंचायत बाराद्वार के नेता प्रतिपक्ष अभिषेक राय ने इसे गंभीर लापरवाही बताया है। उन्होंने गौठान संचालन समिति और जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई की मांग की।
राय ने कहा कि शासन-प्रशासन की अनदेखी के कारण इतनी बड़ी संख्या में गौवंशों की मृत्यु हुई है और जिम्मेदारों पर एफआईआर दर्ज होनी चाहिए। उन्होंने कार्रवाई न होने पर जन आंदोलन की चेतावनी दी।
इस मामले पर नगर पंचायत बाराद्वार के सीएमओ पुनीत वर्मा ने कहा कि उन्हें इसकी जानकारी मिली है और वे इस संबंध में पता करवा रहे हैं।