कांकेर शहर में इन दिनों वन्यजीवों की आवाजाही बढ़ गई है। तेंदुए, हिरण, भालू, अजगर जैसे जानवर शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों की सीमाओं में प्रवेश कर रहे हैं। इससे स्थानीय लोगों में कौतूहल के साथ-साथ दहशत का माहौल भी है।
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जिले के अलग-अलग हिस्सों से वन्यजीवों के देखे जाने की लगातार खबरें मिल रही हैं। नरहरपुर से मासुलपानी रोड पर एक तेंदुआ देखा गया। इसके अलावा, किरगोली पहाड़ और शहर से सटे डुमाली के पहाड़ों में भी तेंदुओं के झुंड अक्सर दिखाई देते रहे हैं।
हाल ही में किरगोली पहाड़ में एक हिरण देखा गया, जिसका वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। टुराखार इलाके में एक भालू घर में घुस गया। कांकेर के पहाड़ी और जंगली क्षेत्र भालुओं के लिए अनुकूल माने जाते हैं।

रिहायशी क्षेत्र में अजगर का सुरक्षित रेस्क्यू
जिसके कारण उनकी रिहायशी इलाकों में आवाजाही बढ़ी है। नगर पालिका क्षेत्र में लगातार दिख रहे एक अजगर को वन विभाग की टीम ने सुरक्षित रेस्क्यू किया। विशेषज्ञों के अनुसार, कांकेर चारों ओर से पहाड़ियों और जंगलों से घिरा है, जो वन्यजीवों के लिए अनुकूल वातावरण प्रदान करता है।

शहरी विस्तार से बढ़ता मानव-वन्यजीव संघर्ष
हालांकि, शहरी क्षेत्रों के विस्तार और लगातार सिमटते जंगल के दायरे के कारण मानव-वन्यजीव संघर्ष बढ़ने का खतरा मंडरा रहा है। वन्यजीवों का आबादी वाले क्षेत्रों में आना शिकार की तलाश या अपने प्राकृतिक आवास के नुकसान का संकेत है। शहरी क्षेत्रों में भालू और तेंदुए जैसे हिंसक जानवरों के बार-बार दिखने से लोगों की सुरक्षा को लेकर चिंताएं बढ़ गई हैं।
वन विभाग की कार्रवाई
स्थानीय लोग वन विभाग को वन्यजीवों के दिखने की सूचना लगातार दे रहे हैं।वन विभाग के अधिकारियों ने बताया कि टीम सतर्क है और आबादी वाले क्षेत्रों में दिखने वाले वन्यजीवों को पकड़ने या उन्हें सुरक्षित जंगल में वापस भेजने के लिए रेस्क्यू ऑपरेशन कर रही है।
