छत्तीसगढ़ के चिकित्सा शिक्षा विभाग की तरफ से जारी मीडिया मैनेजमेंट प्रोटोकॉल आदेश को स्थगित कर दिया गया है। आदेश के खिलाफ पत्रकारों के विरोध बाद विभाग ने यह निर्णय लिया है।
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दरअसल, प्रारंभिक आदेश में सभी सरकारी मेडिकल कॉलेजों और उनसे संबंधित अस्पतालों में मीडिया से बातचीत को लेकर एक नियंत्रित प्रक्रिया तय करने के निर्देश दिए गए थे। विभाग ने यह आदेश अस्पतालों के अधीक्षक और मेडिकल कॉलेजों के ज्वाइंट डायरेक्टर को भेजा था।

चिकित्सा शिक्षा विभाग ने आदेश निरस्त किया ।
पत्रकारों जलाई थी आदेश की कॉपी
प्रदेश के मीडियाकर्मियों ने भी इस आदेश को लेकर विरोध दर्ज कराया था। राजधानी रायपुर में पत्रकारों ने प्रतीकात्मक रूप से आदेश की कॉपी जलाकर विरोध जताया था। इसे पूरे घटनाक्रम के दौरान मीडिया सेंसरशिप के लोगों के बीच इस आदेश को लेकर चर्चा की गई।
कांग्रेस ने कहा- सरकार की मंशा पर शक
आदेश के स्थगित करने के बाद कांग्रेस चिकित्सा प्रकोष्ठ के अध्यक्ष डॉ राकेश गुप्ता ने कहा कि, आदेश का स्थगित कर विभाग हीलाहवाला कर रही है। सरकार की मंशा पर शक है। अगर सरकार मीडिया को वास्तव में अस्पतालों में रिपोर्टिंग से नहीं रोकना चाहती तो अपने आदेश को वापस स्थगित करने बजाय वापस ले।
गुप्ता ने कहा कि, सरकार अपनी विफलताओं को छिपाने के लिए इस तरह के आदेश को निकाला था, लेकिन विरोध के बाद इन्होंने मीडिया प्रोटोकॉल को निरस्त किया है।
स्वास्थ्य मंत्री ने जारी किया था वीडियो
चिकित्सा शिक्षा विभाग ने इस आदेश के विरोध के बाद स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने एक वीडियो जारी करते हुए कहा था कि, हमारे लिए मीडिया का सम्मान सर्वोपरि है। जो आदेश जारी हुआ है, वह बिना व्यापक विचार-विमर्श के था।
मैं व्यक्तिगत रूप से इस आदेश को तत्काल प्रभाव से स्थगित करता हूं। मंत्री ने यह भी बताया कि वर्तमान में स्वास्थ्य सचिव विदेश दौरे पर हैं। उनके अनुपस्थिति में यह निर्णय लिया गया था। मंत्री ने कहा था कि भविष्य में किसी भी ऐसे निर्णय से पहले मीडिया प्रतिनिधियों से बातचीत की जाएगी।