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रूपेश ने साथियों से की आत्मसमर्पण की अपील
देश के सबसे बड़े नक्सल समर्पण से पहले शांति वार्ता की पेशकश करने वाले सीसी मेंबर रूपेश का एक वीडियो सामने आया है। इस वीडियो में उन्होंने अपने साथियों से आत्मसमर्पण करने की अपील की है, साथ ही संगठन में फूट की पुष्टि भी की है। यह घटनाक्रम ऐसे समय में स
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रूपेश ने वीडियो में कहा कि नक्सल संगठन का एक गुट उनकी आत्मसमर्पण की परिस्थितियों को समझने को तैयार नहीं है और उनसे नाराज है। उन्होंने जोर देकर कहा कि उन्हें अपने साथियों की जान की फिक्र है और वे केवल सशस्त्र आंदोलन छोड़ रहे हैं, ग्रामीणों की समस्याओं को लेकर उनकी विचारधारा अभी भी कायम है।
नक्सल संगठन में दो फाड़
रूपेश का यह वीडियो सामने आने के बाद नक्सल संगठन में दो फाड़ होने की पुष्टि हो चुकी है। आज बीजापुर में 140 से अधिक नक्सली हथियारों के साथ आत्मसमर्पण कर रहे हैं। बीते दो दिनों में 250 से अधिक नक्सलियों के आत्मसमर्पण के बाद नक्सल संगठन पूरी तरह बिखर चुका है।
2026 तक नक्सल मुक्त बस्तर की उम्मीद
केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने भी ‘एक्स’ पर पोस्ट कर उत्तर बस्तर और माड़ इलाके के नक्सल मुक्त होने को लेकर उम्मीद जताई है। इससे अब यह उम्मीद की जा रही है कि मार्च 2026 से पहले ही बस्तर नक्सल मुक्त हो सकता है।
पिछले तीन दिनों में 250 से अधिक नक्सलियों का आत्मसमर्पण
पिछले तीन दिनों में नक्सलियों के आत्मसमर्पण में तेजी देखी गई है। गढ़चिरौली में 61 नक्सलियों ने 50 हथियारों के साथ, कांकेर में 50 नक्सलियों ने 39 हथियारों के साथ, और अब बीजापुर में 140 नक्सलियों ने 70 हथियारों के साथ आत्मसमर्पण किया है। इस दौरान कुल 159 हथियार पुलिस के पास वापस आ चुके हैं, जो पहली बार है कि दो दिन के भीतर इतनी बड़ी मात्रा में हथियार बरामद हुए हैं।
एक गुट अभी भी सरेंडर को तैयार नहीं लगातार हो रहे बड़े सरेंडर के बीच अभी भी नक्सलियों का एक बड़ा गुट, जिसका लीडर हिड़मा है, वो सरेंडर के लिए तैयार नहीं है। ऐसे में बस्तर से पूरे नक्सलवाद के खात्मे को लेकर अभी भी प्रश्न चिन्ह बना हुआ है। अब देखना ये होगा कि बस्तर में तैनात फोर्स इस गट से कैसे निपटती है। 31 मार्च 2026 तक नक्सलवाद के खात्मे को लेकर हिड़मा की ये बटालियन ही सबसे बड़ी चुनौती है।