राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान (NIT) रायपुर के बायोमेडिकल इंजीनियरिंग विभाग ने मेडिकल डिवाइस में एम.टेक प्रोग्राम शुरू किया है। इस कोर्स में खास तौर पर इन-विट्रो डायग्नॉस्टिक्स (IVD) और क्रिटिकल केयर मेडिकल इंस्ट्रूमेंट्स पर फोकस रहेगा।
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कोविड-19 महामारी के बाद मेडिकल डिवाइस की बढ़ती मांग को देखते हुए इसे शुरु किया गया है एनआईटी रायपुर का कहना है कि देश के अनुभवी संकाय, आधुनिक सुविधाएं और इंडस्ट्री-लिंक्ड ट्रेनिंग छात्रों को मेडिकल डिवाइस इंडस्ट्री की जरूरतों के मुताबिक तैयार करेगी। इससे स्वास्थ्य सेवा में नवाचार और गुणवत्ता दोनों को नई गति मिलेगी।

नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी।
कौन ले सकता है एडमिशन?
- योग्यता – बी.फार्मा, एमबीबीएस, बीई/बी.टेक (बायोमेडिकल, बायोटेक्नोलॉजी, इलेक्ट्रॉनिक्स, मैकेनिकल आदि) और संबंधित विज्ञान विषयों के छात्र।
- छात्रवृत्ति – GATE पास उम्मीदवारों को मिलेगी।
- गैर-गेट छात्र भी प्रवेश ले सकेंगे।
क्यों है खास यह कोर्स?
इस कोर्स का उद्देश्य छात्रों को ऐसे करियर के लिए तैयार करना है, जहां उनकी जरूरत मेडटेक कंपनियों, रिसर्च लैब्स, क्वालिटी कंट्रोल, रेगुलेटरी एजेंसियों, मानक निर्माण संस्थानों और अस्पतालों में हो।
कोर्स में क्या सिखाया जाएगा?
- मेडिकल डिवाइस डिजाइन
- बायोसेंसर निर्माण
- आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और IoT का उपयोग
- नियामक प्रशिक्षण (Regulatory Training)
- छात्रों को मेडिकल-ग्रेड उपकरण और हाई-टेक लैब्स में प्रैक्टिकल ट्रेनिंग दी जाएगी।
एम्स रायपुर से एमओयू
- एनआईटी रायपुर का एम्स रायपुर से एमओयू है।
- छात्र यहां अस्पताल आधारित ट्रेनिंग और मेडिकल डिवाइस की जानकारी लेंगे।
- साथ ही इंडस्ट्रियल इंटर्नशिप के जरिए उन्हें सीधे उद्योग का अनुभव मिलेगा।