धमतरी में शिक्षा व्यवस्था को लेकर NSUI का प्रदर्शन
धमतरी में सोमवार को NSUI कार्यकर्ताओं और पुलिस के बीच पुतला दहन को लेकर विवाद हो गया। कार्यकर्ता छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री का पुतला दहन करने राजीव भवन से निकल रहे थे।
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कार्यकर्ता 6 मुद्दों को लेकर विरोध प्रदर्शन कर रहे थे। इनमें बिलासपुर का PWD सब इंजीनियर परीक्षा घोटाला, सरकारी स्कूलों में शिक्षकों की कमी, सरकारी कॉलेजों में जन भागीदारी शुल्क की वसूली और पुस्तकालयों में बेरोजगार युवाओं से शुल्क वसूली शामिल थे।
विवाद तब शुरू हुआ जब एक पुलिसकर्मी बिना अनुमति राजीव भवन में घुस गया। इससे नाराज कार्यकर्ताओं ने वहीं पुतला जलाकर फेंक दिया। इसके बाद पुलिस और कार्यकर्ताओं के बीच झड़प हो गई। एक पुलिस जवान अधजले पुतले को लेकर सिटी कोतवाली थाने की ओर भागा।
NSUI के जिलाध्यक्ष और कार्यकर्ता भी थाने पहुंच गए। वहां उन्होंने थाने के अंदर नारेबाजी शुरू कर दी। पुलिस ने NSUI जिलाध्यक्ष को थाने से बाहर निकाला और अन्य कार्यकर्ताओं को भी धक्का देकर बाहर कर दिया। इसके बाद कार्यकर्ताओं ने थाने के बाहर बैठकर विरोध प्रदर्शन जारी रखा।

शिक्षा व्यवस्था को सरकार पर लगाए गंभीर आरोप
एनएसयूआई के ज़िला अध्यक्ष राजा देवांगन ने प्रदेश की शिक्षा व्यवस्था को लेकर राज्य सरकार पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार के सत्ता में आने के बाद से प्रदेश की शिक्षा व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई है।
उन्होंने हाल ही में सामने आए PWD सब-इंजीनियर परीक्षा घोटाले का हवाला देते हुए कहा कि इससे प्रदेश की पूरी परीक्षा प्रणाली पर सवालिया निशान लग गया है। देवांगन ने यह भी आरोप लगाया कि शासकीय एवं निजी स्कूलों में अब तक पाठ्य-पुस्तकें उपलब्ध नहीं कराई गई हैं, जिससे करीब ढाई लाख विद्यार्थी बिना किताबों के पढ़ाई करने को मजबूर हैं।

शासकीय स्कूलों में तालाबंदी जैसी स्थिति
इसके साथ ही उन्होंने कहा कि निजी स्कूल शासन के दिशा-निर्देशों की अनदेखी कर मनमाने ढंग से फीस बढ़ा रहे हैं, जिससे अभिभावकों पर आर्थिक बोझ बढ़ रहा है। वहीं शासकीय कॉलेजों में भी जनभागीदारी एवं अशासकीय शुल्क के नाम पर अवैध रूप से फीस वृद्धि की जा रही है, जिससे सामान्य वर्ग से लेकर SC/ST छात्रों तक को कोई राहत नहीं मिल रही है।
देवांगन ने यह भी बताया कि जिला शासकीय पुस्तकालय में बेरोजगार युवाओं और प्रतियोगी परीक्षार्थियों से शुल्क वसूला जा रहा है, जो अन्यायपूर्ण है। शिक्षक की कमी के कारण कई शासकीय स्कूलों में तालाबंदी जैसी स्थिति बन गई है।

प्रदर्शन के दौरान पुतला दहन, पुलिस पर हाथापाई के आरोप
राजा देवांगन ने दावा किया कि एनएसयूआई कार्यकर्ताओं द्वारा राजीव भवन में विरोध स्वरूप पुतला दहन किया जा रहा था, तभी पुलिस ने वहां आकर धक्का-मुक्की और झूमाझटकी की, जिससे कई कार्यकर्ता घायल हो गए। उन्होंने यह भी कहा कि पुतला लगभग 75% जल चुका था, जब पुलिस ने आकर बलपूर्वक हस्तक्षेप किया।

DSP मोनिका ने कहा, सभी आरोप निराधार
वहीं इस पूरे घटनाक्रम पर डीएसपी मोनिका ने एनएसयूआई के आरोपों को सिरे से खारिज किया है। उन्होंने बताया कि पुतला राजीव भवन से बाहर लाया गया था, तभी उसे जब्त किया गया।
डीएसपी के अनुसार, एनएसयूआई कार्यकर्ता थाने के अंदर तक घुस आए थे, और इस दौरान हुई झूमाझटकी में एक पुलिस जवान घायल हुआ, साथ ही कुछ महिला सिपाहियों की वर्दी खींचने की घटनाएं भी सामने आईं। उन्होंने बताया कि इस संबंध में उचित कानूनी कार्रवाई की जाएगी।



