सहकारी समितियों के समिति प्रबंधकों एवं कंप्यूटर ऑपरेटरों की हड़ताल के बीच सहकारी समितियों में धान खरीदी की शुरुआत हो गई है। अंबिकापुर के नमनाकला समिति में कलेक्टर विलास भोस्कर की मौजूदगी में एक किसान ने धान बेचा। धान खरीदी केंद्रों में पहले दिन निरीक्
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सरगुजा जिले में इस वर्ष 55,937 पंजीकृत किसान और लगभग 58,219 हेक्टेयर में धान का रकबा है। इसके लिए 54 धान उपार्जन केंद्र हैं। समिति प्रबंधक एवं कंप्यूटर आपरेटर हड़ताल पर हैं। इस कारण समितियों के प्रबंधक पदों पर विभिन्न विभागों के एसडीओ, इंजीनियर, तहसीलदारों व अधिकारियों की ड्यूटी लगाई गई है। इसके साथ ही कंप्यूटर ऑपरेटर पदों पर भी कर्मी ड्यूटी में लगाए गए हैं।
पहले दिन एक किसान ने बेचा धान खरीदी के पहले दिन नमनाकला सहकारी समिति में धान बेचने पहुंचे किसान अनंत मंडल ने बताया कि उनका कुल 78 क्विंटल धान का रकबा है और आज उन्होंने 20 क्विंटल धान का पहला टोकन कटवाया है। कलेक्टर विलास भोस्कर सहित अधिकारियों ने मालाओं से किसान का स्वागत किया और उसका धान खरीदा गया।

मेंड्रा समिति में निरीक्षण करने पहुंचे टीएस सिंहदेव
समितियों में पहुंचे टीएस, कहा-व्यवस्था शून्य धान खरीदी की व्यवस्था देखने टीएस सिंहदेव मेंन्ड्रा स्थित कृषि मंडी पहुंचे। अन्य समितियों में खरीदी की सिंहदेव ने जानकारी ली। सिंहदेव ने कहा कि समितियों में धान खरीदी की व्यवस्था शून्य है। सिंहदेव ने कहा कि आज धान खरीदी सत्र के शुभारंभ में सरगुजा कलेक्टर को खड़े होकर धान खरीदी करवाना पड़ा है, यह धान खरीदी को लेकर प्रदेश की सरकार की सक्षमता पर गंभीर सवाल खड़े कर रहा है।
सिंहदेव ने कहा कि धान खरीदी को लेकर राज्य सरकार के नए नियमों के विरोध के साथ वेतन भत्तों में बढ़ोत्तरी की मांग को लेकर समिति प्रबंधकों और डेटा एंट्री ऑपरेटर हड़ताल पर हैं। समितियों में धान की सूखती के लिए समिति के कर्मचारियों की जिम्मेदारी मानी जाएगी। पुरानी व्यवस्था में खरीदी केन्द्रों से 72 घंटे के अंदर धान को मिलिंग करने वाले राइस मिलों को भेज दिया जाता था। राज्य सरकार ने इस व्यवस्था को समाप्त कर खरीदी केन्द्र से पहले मार्कफेड के भंडारण केन्द्रों में और फिर वहां से राइस मिलों को धान भेजने की नई व्यवस्था बनाई है। इस कारण धान मिलिंग की लागत में वृद्धि होगी, वहीं सूखती आएगी।
मेंड्रा सहित अधिकांश समितियों में कर्मियों के हड़ताल के कारण अभी तक बारदानों की एंट्री ऑनलाइन रिकार्ड में नहीं हो पायी है। ऐसी स्थिति में पोर्टल के माध्यम से समुचित टोकन जारी कर पाने का काम भी प्रभावित हुआ है। सिंहदेव ने इस सत्र में लागू की गयी एग्री स्टेट पंजीयन में शत-प्रतिशत किसानों का पंजीयन नहीं हो पाने पर उन्होंने चिंता जाहिर की है। उन्होंने कहा कि धान खरीदी केन्द्रों में नमी जांचने वाली मीटर का अभी तक प्रमाणीकरण भी नहीं हुआ है।