प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मन की बात कार्यक्रम में छत्तीसगढ़ के अंबिकापुर शहर में स्वच्छता के लिए पहल का किया जिक्र किया और अंबिकापुर नगर निगम द्वारा संचालित गार्बेज कैफे की तारीफ की। गार्बेज कैफे में प्लास्टिक का कचरा जमा करने पर खाना एवं नाश्ता दि
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प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के मन की बात कार्यक्रम का प्रसारण रविवार को किया गया। पीएम नरेंद्र मोदी ने मन की बात में अंबिकापुर में गार्बेज कैफे के अभिनव पहल को प्रेरणादायक बताते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ के अंबिकापुर में शहर से प्लास्टिक कचरा साफ करने के लिए एक अनोखी पहल की है।
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी कहा कि ” अंबिकापुर में गार्बेज कैफे चलाया जा रहा है। ये ऐसा कैफे है जहां प्लास्टिक कचरा लेकर जाने पर भरपेट खाना खिलाया जाता है।
अगर कोई व्यक्ति एक किलो प्लास्टिक लेकर जाये, उसे दोपहर या रात का खाना मिलता है। कोई आधा किलो प्लास्टिक लेकर जाये तो नाश्ता मिल जाता है। ये कैफे अंबिकापुर म्युनिसिपल कॉर्पोरेशन चलाता है।”

बस स्टैंड में संचालित है गार्बेज कैफे
पीएम मोदी की तारीफ पर महापौर ने दी बधाई प्रधानमंत्री द्वारा मन की बात में गार्बेज कैफे की तारीफ किए जाने से मेयर मंजूषा भगत ने प्रधानमंत्री का आभार जताया है। मंजूषा भगत ने कहा यह अंबिकापुर वासियों के लिए हर्ष का विषय है
गार्बेज कैफे को और भी आधुनिक बनाने का प्रयास किया जाएगा। साथ ही शहर को पूर्ण रूप से प्लास्टिक मुक्त भी किया जाएगा।

महापौर बोली-शहर के लिए गौरव की बात
2019 में शुरू हुआ था गार्बेज कैफे
अंबिकापुर शहर में गार्बेज कैफे की शुरुआत वर्ष 2019 में की गई थी। कांग्रेस शासन काल में शुरू किए गए इस गार्बेज कैफे में शुरुआती दिनों में 20 से 25 लोग कचरा जमा कर खाना खाते थे व नाश्ता करते थे। कोरोना काल के बाद संख्या घटी। अब औसतन 8 से 9 लोग कैफे में कचरा जमा कर खाना खाने व नाश्ता करने पहुंचते हैं।
इस तरह काम करता है गार्बेज कैफे गार्बेज कैफे के संचालन के लिए निगम द्वारा टेंडर के माध्यम से होटल संचालक से एग्रीमेंट किया गया है। प्लास्टिक कचरा लेकर पहुंचने वाले लोग पास के SLRM सेंटर में प्लास्टिक जमा करते हैं। वहां प्लास्टिक तौलकर टोकन दिया जाता है। टोकन जमा करने पर कैफे में खाना व नाश्ता मिलता है।
पूर्व मेयर ने दी बधाई पूर्व मेयर डा. अजय तिर्की ने पीएम मोदी द्वारा गार्बेज कैफे की तारीफ करते पर बधाई दी है।
डा. तिर्की ने फेसबुक पर पोस्ट कर लिखा है- ” आप सभी को बधाई!! शहरवासी, नगर पालिका निगम के अधिकार-कर्मचारीगण व स्वच्छता दिदियों के सहयोग से हम सबने यह उपलब्धि हासिल की है। सबको बहुत-बहुत बधाई!!”
स्वच्छता में मिली पहचान अंबिकापुर शहर में वर्ष 2015 में शुरू किए गए डोर-टू-डोर कचरा संग्रहण एवं एस एल आर एम सेंटर के मॉडल को देशभर में पहचान मिली। वर्ष 2020 में अंबिकापुर शहर देशभर में 2 लाख से कम आबादी वाले शहरों की स्वच्छता रैंकिंग में नंबर वन रहा। अंबिकापुर शहर वर्तमान में स्वच्छ शहरों के क्लब में शामिल है।