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छत्तीसगढ़ व्यवसायिक परीक्षा मंडल ने 22 मई को प्री.डी.एल.एड. (D.El.Ed.25) और प्री.बी.एड. (B.Ed.25) में एडमिशन के लिए एग्जाम लिया था। मंडल ने B.Ed. का रिजल्ट जारी कर दिया था। इसके बाद अब D.El.Ed. का रिजल्ट भी जारी कर दिया गया है। उम्मीदवार व्यापम की ऑफ
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इसके साथ ही 2 लाख 61 हजार 84 अभ्यर्थियों की कंबाइंड मेरिट लिस्ट भी जारी कर दी गई है। जबकि सीट सिर्फ 6,720 हैं। यानी एक सीट के लिए औसतन लगभग 39 उम्मीदवारों ने एग्जाम दिया है। हालांकि B.Ed. और D.El.Ed इन दोनों के लिए ही अब तक SCERT ने काउंसलिंग की डेट अनाउंस नहीं की हैं।
काउंसलिंग की डेट अनाउंस होने में एक महीने का समय
इसमें एक महीने का वक्त और लग सकता है। प्रदेश में पिछली बार बी.एड. की 14,400 सीटें थी। वहीं डीएलएड 6,720 सीटें थी। लेकिन इस बार ये सीटें कम हो सकती हैं। दरअसल, नेशनल काउंसिल फॉर टीचर एजुकेशन( NCTE) ने अपनी 423वीं बैठक में प्रदेश के चार बीएड कॉलेजों की मान्यता रद्द कर दी थी।
इनमें श्री कृष्णा कॉलेज, जांजगीर-चापा, कांति दर्शन महाविद्यालय, राजनांदगांव, श्रीराम शिक्षा महाविद्यालय, राजनांदगांव, श्री शिरडी साईं शिक्षण, अंबिकापुर शामिल हैं। हालांकि NCTE ने देशभर में 380 कॉलेजों की मान्यता रद्द की थी।
मान्यता रद्द होने से सीटें हो जाएंगी कम
इस फैसले से प्रदेश में बीएड-डीएलएड की सीटें कम हो गई हैं। छत्तीसगढ़ में पिछली बार बीएड के 150 कॉलेज के लगभग 14,400 सीटों पर एडमिशन हुआ था।। वहीं डीएलएड के 91 कॉलेजों में 6,720 सीटों पर एडमिशन हुए थे। जिन चार महाविद्यालयों की मान्यता रद्द की गई है, वहां बीएड, डीएलएड और बीएससी बीएड कोर्स उपलब्ध थे।
मान्यता रद्द होने के बाद से कुल 250 सीटें कम हो जाएंगी। इनमें बीएड की 100, डीएलएड की 100 और बीएससी बीएड की 50 सीटें हैं।
NCTE को कॉलेजों ने नहीं भेजी थी रिपोर्ट, इसलिए रद्द हुई मान्यता
NCTE से मान्यता प्राप्त कॉलेजों को नियमित रूप से अपनी वार्षिक रिपोर्ट NCTE को भेजनी होती है। लेकिन इन कॉलेजों की तरफ से लापरवाही देखने को मिली। कॉलेजों ने अपनी वार्षिक रिपोर्ट नहीं भेजी। NCTE के नोटिस को भी इग्नोर किया, जिसके बाद NCTE को यह निर्णय लेना पड़ा।
इस बार कितनी सीटों में एडमिशन इसकी जानकारी नहीं
पिछली बार आधा दर्जन से ज्यादा कॉलेजों में एडमिशन ही नहीं हुआ था। जिसके चलते 600 से अधिक सीटें खाली रह गईं थी। इस बीच SCERT ने इस बार अब तक ये जानकारी नहीं दी है कि राज्य के कितने कॉलेजों की कितनी सीट्स पर प्रवेश दिए जाएंगे।
डीएलएड में एडमिशन की होड़, बीएड से ज्यादा आवेदन
वहीं, पिछली बार की तरह इस बार भी डीएलएड में एडमिशन के लिए तगड़ा कॉम्पिटिशन देखने को मिल सकता है। डीएलएड में एडमिशन के लिए दो लाख से अधिक लोग पेपर में शामिल हुए। जबकि बीएड के लिए सिर्फ 1 लाख 90 हजार आवेदन ही आए थे। डीएलएड में सीटें भी बीएड की तुलना भी बहुत कम है।