छत्तीसगढ़ राज्योत्सव के दिन जनता कांग्रेस छत्तीसगढ़ (जे) के प्रमुख अमित जोगी ने पुलिस पर उन्हें हाउस अरेस्ट करने का आरोप लगाया है।
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पुलिस अधिकारियों द्वारा दिए गए कागज को पढ़ते हुए अमित जोगी।
उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर लिखा कि उन्हें अपने ही घर में नजरबंद कर दिया गया है क्योंकि वे नए विधानसभा भवन से ‘मिनी माता’ का नाम हटाए जाने के विरोध में शांतिपूर्ण प्रदर्शन करने जा रहे थे।

अमित जोगी ने सोशल मीडिया में पोस्ट किया है।
अमित जोगी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय को टैग करते हुए पोस्ट में लिखा, “छत्तीसगढ़ के 25वें स्थापना दिवस पर काले कपड़े पहनना अब अपराध बन गया है! क्या लोकतंत्र इतना कमजोर है कि काले कपड़ों से डर जाए? यही है आपका अमृत काल?”

अमित जोगी पुलिस अधिकारियों को मिठाई देते हुए।
उन्होंने साथ ही पुलिस अधिकारियों की मौजूदगी की तस्वीरें भी साझा कीं, जिसमें वे मिठाई खिलाते नजर आए।

विधानसभा भवन के उद्घाटन निमंत्रण पत्र को जलाकर अमित जोगी ने विरोध किया था।
उद्घाटन निमंत्रण पत्र को जलाकर विरोध किया था
अमित जोगी ने 31अक्टूबर को नए विधानसभा भवन के उद्घाटन निमंत्रण पत्र को जलाकर विरोध जताया था। उनका कहना है कि राज्य के पहले मुख्यमंत्री अजीत जोगी ने पुराने विधानसभा भवन का नाम मिनी माता के नाम पर रखा था, ताकि नारी सशक्तिकरण और सामाजिक न्याय की भावना बनी रहे।
उन्होंने विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह से मांग की थी कि नया निमंत्रण पत्र “मिनी माता विधानसभा भवन, नया रायपुर” नाम से जारी किया जाए। जोगी ने चेतावनी दी कि यदि ऐसा नहीं हुआ, तो वे प्रदेश के विधायकों और पूर्व विधायकों से प्रधानमंत्री के कार्यक्रम के बहिष्कार की अपील करेंगे।