करीब-करीब रिटायर हो चुके छत्तीसगढ़ के मुख्य सचिव अमिताभ जैन फिलहाल मुख्य सचिव की जिम्मेदारी संभाल रहे हैं। सोमवार को हुई कैबिनेट की बैठक में वह मुख्य सचिव की हैसियत से पहुंचे। इससे पहले वह राजभवन जाकर राज्यपाल से मिले, रिटायरमेंट सोमवार को ही होना था
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प्रशासनिक अधिकारियों में तैयारी लगभग ऐसे ही थी कि सोमवार को अमिताभ जैन रिटायर हो जाएंगे। इसके बाद छत्तीसगढ़ को नया चीफ सेक्रेटरी मिलेगा, मगर ऐसा नहीं हुआ। कुछ ही घंटे में सरकारी आदेशों निर्देशों के तालमेल से एक ऐसी खबर निकल कर आई जिसने सभी को चौंकाया। छत्तीसगढ़ के डिप्टी सीएम अरुण साव ने कह दिया कि अमिताभ जैन को 3 महीने के लिए एक्सटेंशन दिया गया है वह मुख्य सचिव के रूप में ही काम करेंगे, उन्होंने वजह नहीं बताई।

मंत्रालय में नए CS की चर्चा इससे पहले तक मंत्रालय का माहौल बिल्कुल अलग था । अलग-अलग कर्मचारियों ने तैयारी कर रखी थी अमिताभ जैन को विदाई देने की । गुलदस्ते और फूल मंगाकर रखे गए थे जो भी अधिकारी नया मुख्य सचिव बनता उनके स्वागत का भी बंदोबस्त था। मंत्रालय के अलग-अलग विभाग के अध्यक्ष बधाई देने और अपना परिचय नए अधिकारियों को देने वाले थे, मगर सब कुछ टल गया।
कैबिनेट मीटिंग में मौजूद थे पिंगुआ सोमवार को हुई कैबिनेट की बैठक में मुख्य सचिव अमिताभ जैन की बगल की कुर्सी पर मनोज पिंगुआ बैठे थे। यह तस्वीर जब बैठक के कक्ष से बाहर आई तब चर्चा होने लगी की अमिताभ जैन को विदाई देने के बाद हो सकता है कि मनोज पिंगुआ को ही मुख्य सचिव घोषित कर दिया जाए । इससे पहले ऐसा होता भी रहा है, मुख्य सचिव बनाए जाने वाले अधिकारियों में मनोज पिंगुआ का नाम भी चर्चा में शामिल था।
केंद्र से आई चिट्ठी 2 से 3 घंटे के भीतर अचानक अमिताभ जैन को ही मुख्य सचिव बनाए रखने की बात सामने आई। दरअसल केंद्र से एक चिट्ठी आई जिसमें अमिताभ जैन की सेवाओं को जारी रखने की बात थी। इस चिट्ठी में तारीख भी 30 जून यानी कि सोमवार की ही थी, इसी दिन चिट्ठी आई और इसी दिन एक्सटेंशन दे दिया गया।
इस एक्सटेंशन को लेकर चर्चा ये हैं IAS अधिकारी सुब्रत साहू] मनोज पिंगुआ जैसे अधिकारियों का नाम मुख्य सचिव बनाए जाने की रेस में शामिल था। अब इन अधिकारियों को 3 महीने या इससे थोड़े कम समय का इंतजार तो करना ही होगा। अमिताभ जैन को दिए गए एक्सटेंशन को लेकर कई तरह की चर्चाएं हैं। मंत्रालय से जुड़े सूत्रों ने बताया कि किसे मुख्य सचिव बनाया जाए यह फैसला ना हो पाने की स्थिति में केंद्र से निर्देश दिए गए और अमिताभ जैन को एक्सटेंशन मिला। आईएएस लॉबी और सरकार चलाने वाले नेताओं के बीच खींचतान का नतीजा रहा की छत्तीसगढ़ को तय समय पर नया चीफ सेक्रेटरी मिलते-मिलते रह गया।