Raipur’s first woman MLA Rajni Tai passed away | रायपुर की पहली महिला विधायक रजनी ताई नहीं रहीं: 94 वर्ष की आयु में निधन,आपातकाल में 3 बेटों की गिरफ्तारी के बावजूद लड़ीं,भूमिगत आंदोलन चलाया – Chhattisgarh News

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August 28, 2025


रायपुर की पहली महिला विधायक रजनी ताई उपासने का 94 वर्ष की आयु में निधन हो गया। वह लंबे समय से अस्वस्थ थीं और घर पर ही उनका इलाज चल रहा था। बुधवार शाम अस्पताल में उन्होंने अंतिम सांस ली। रजनी ताई उपासने के निधन की पुष्टि उनके बेटे सच्चिदानंद उपासने ने

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मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने रजनी ताई को श्रद्धांजलि दी है। बता दें कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 20 अप्रैल 2022 को रजनी ताई उपासने से फोन पर बात की थी। फोन पर पीएम ने उनसे कहा था कि ‘आपने पार्टी के लिए बहुत काम किया है। और जो जिम्मेदारी आपने दी, उसका मैं पालन कर रहा हूं।’

रायपुर की पहली महिला विधायक रजनी ताई उपासने का निधन हो गया है।

रायपुर की पहली महिला विधायक रजनी ताई उपासने का निधन हो गया है।

पूरे परिवार का RSS से रहा है जुड़ाव

पूर्व विधायक रजनी ताई का जन्म 28 अप्रैल 1933 को महाराष्ट्र के परतवाड़ा में हुआ था। उनका विवाह आकोट के दत्तात्रेय उपासने से हुआ। दत्तात्रेय आर्डिनेंस फैक्ट्री में थे। उनके 4 बेटे हैं। एक बेटे जगदीश उपासने वर्तमान में माखनलाल चतुर्वेदी पत्रकारिता विवि भोपाल में कुलपति हैं।

सच्चिदानंद उपासने भाजपा के प्रदेश प्रवक्ता हैं। गिरिश और हेमंत उपासने एलआईसी में कार्यरत हैं। 1967 में परिवार बालोद से रायपुर आ गया। पूरा परिवार RSS से जुड़ा रहा।

रायपुर की पहली महिला विधायक बनीं

रजनी ताई उपासने ने जनता पार्टी से 1977 में रायपुर विधानसभा से चुनाव जीतकर इतिहास रचा था। वह रायपुर की पहली महिला विधायक बनीं। उस दौर में राजनीति में महिलाओं की भागीदारी बेहद सीमित थी, ऐसे समय में जनता का भरोसा जीतकर विधानसभा पहुंचना उनके साहस और संघर्ष को दर्शाता है।

अपने कार्यकाल में उन्होंने जनता के हितों को प्राथमिकता दी और रायपुर के विकास के लिए कई पहल की।

पूर्व उप प्रधानमंत्री लाल कृष्ण आडवाणी के साथ रजनी ताई। (हरी साड़ी में)

पूर्व उप प्रधानमंत्री लाल कृष्ण आडवाणी के साथ रजनी ताई। (हरी साड़ी में)

अपने कार्यकाल के दौरान रजनी ताई उपासने। (फाइल फोटो)

अपने कार्यकाल के दौरान रजनी ताई उपासने। (फाइल फोटो)

सादगी और सेवा भाव से बनाई खास पहचान

सादगी, ईमानदारी और जनता से गहरे जुड़ाव के कारण रजनी ताई को विशेष पहचान मिली। राजनीति के साथ ही वे सामाजिक कार्यों में भी सक्रिय रहीं। महिलाओं और वंचित वर्गों के अधिकारों के लिए उन्होंने लगातार काम किया।

उनके निधन पर प्रदेश के नेताओं और सामाजिक संगठनों ने गहरा शोक व्यक्त किया है। सभी ने कहा कि रजनी ताई का जाना छत्तीसगढ़ की राजनीति और समाज दोनों के लिए अपूरणीय क्षति है।

सीएम साय ने दी श्रद्धांजलि

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने रजनीताई को श्रद्धांजलि देते हुए कहा कि उनका निधन हम सबके लिए उनके आत्मीय स्नेह की शीतल छांव की अपूरणीय क्षति है। आपातकाल के दौरान अपने तीन बेटों की मीसा में हुई गिरफ्तारी के बावजूद उन्होंने जिस धैर्य, साहस और मुखरता के साथ उन प्रतिकूल परिस्थितियों का मुकाबला किया, वह एक प्रेरणास्पद अध्याय है।

भाजपा प्रदेश अध्यक्ष किरणसिंह देव ने कहा कि रजनीताई के देहावसान का दुःखद समाचार हृदय को विदीर्ण करने वाला है। भाजपा के क्षेत्रीय संगठन महामंत्री अजय जम्वाल ने रजनीताई के निधन पर कहा कि छत्तीसगढ़ में रजनीताई को महिलाओं के राजनीतिक सशक्तीकरण के लिए हमेशा याद रखा जाएगा।

क्या है भूमिगत आंदोलन

भूमिगत आंदोलन वे गतिविधियां या समूह होते हैं जो गुप्त रूप से कार्य करते हैं, आमतौर पर किसी स्थापित शक्ति या दमनकारी व्यवस्था का विरोध करने के लिए, या अवैध गतिविधियों को अंजाम देने के लिए।

ये आंदोलन कई प्रकार के हो सकते हैं, जिनमें गुप्त रेडियो स्टेशनों का संचालन, पर्चे बांटना, या भूमिहीन किसानों को जमीन दिलाने जैसे स्वैच्छिक भूमि सुधार प्रयास शामिल हो सकते हैं।



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