Restrictions on diversion of small plots and exemptions from guidelines are lifted, projects are halted. | छोटे प्लॉट के डायवर्सन पर प्रतिबंध और गाइडलाइन की छूट खत्म, प्रोजेक्ट रुके – Raipur News

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November 2, 2025


पिछले एक साल में कलेक्टर गाइडलाइन में 30 फीसदी की छूट फिर छोटे कृषि प्लॉट की रजिस्ट्री और डायवर्सन पर बैन की वजह से छत्तीसगढ़ रेरा में इस साल बिल्डरों के केवल 105 प्रोजेक्ट ही पंजीकृत हो पाए हैं। पिछले पांच साल में ऐसा पहली बार हुआ है जब प्रोजेक्ट र

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अभी इस साल जितने प्रोजेक्ट पंजीकृत हुए हैं उसमें आधे से ज्यादा रायपुर में पंजीयन कराए गए हैं। यानी बाकी जिलों के बिल्डरों की दिलचस्पी अभी नए प्रोजेक्ट लाने में नहीं है। अवैध प्लॉटिंग और मकान बुक कराने वालों को समय पर मकान मिले इसके लिए रेरा ने भी जबरदस्त सख्ती की है।

छत्तीसगढ़ के नामी बिल्डरों का कहना है कि अभी रायपुर समेत राज्यभर में मकानों की डिमांड कम और सप्लाई ज्यादा हो गई है। यानी बिल्डरों ने हर एरिया में मकान तो बहुत ज्यादा बना दिए हैं, लेकिन अभी उनकी बुकिंग कम हो रही है। बिल्डरों का कहना है कि अभी रायपुर शहर और आउटर में हर जगह लोगों के लिए पर्याप्त मकान उपलब्ध हैं। इसलिए भी नए प्रोजेक्ट नहीं लाए जा रहे हैं।

मकानों का अब ट्रेंड भी बदल रहा महंगे मकानों की ओर लोग बढ़ रहे राजधानी में मकान खरीदने का अब ट्रेंड भी बदल रहा है। लोग महंगे मकानों की ओर जा रहे हैं। शहर में 15 से 35 लाख वाले मकान, फ्लैट और प्लॉट बड़ी संख्या में उपलब्ध हैं। इस वजह से बिल्डर अब ऐसे लोगों के लिए मकान बना रहे हैं जो हाई इंकम ग्रुप वाले हैं।

इस वजह से भी नए प्रोजेक्ट लांच होने कम हो रहे हैं। ज्यादा हाईटेक सुविधाओं के साथ करोड़ों के बंगले लोगों को पसंद आ रहे हैं। खासतौर पर हरियाली और नई सुविधाओं वाले बंगलों की बिक्री ज्यादा हो रही है। लग्जरी कॉलोनी बनाने के लिए एकड़ों में जमीन की जरूरत होती है। ऐसी जमीन अब शहर में नहीं है।

हाउसिंग बोर्ड ने भी मकान ​सस्ते किए इसका असर प्राइवेट कॉलोनी वालों पर छत्तीसगढ़ हाउसिंग बोर्ड अपने पुराने मकानों की बिक्री बढ़ाने के लिए मूल कीमत में 30 प्रतिशत तक की छूट दे रहा है। इस छूट का असर भी दिखाई दे रहा है। बोर्ड ने राज्यभर में अपनी 500 करोड़ से ज्यादा की करीब 2500 प्रॉपर्टी बेच दी है। सरकारी मकान सस्ते मिलने की वजह से लोग इसकी खरीदी भी कर रहे हैं। खासतौर पर कई साल से खाली फ्लैट लोगों को कम कीमत में मिल जा रहे हैं। हाउसिंग बोर्ड की इस योजना को लोग खासा पसंद कर रहे हैं।

जमीन की कीमत बढ़ना बड़ी वजह ^किसी भी नए प्रोजेक्ट के लिए सबसे जरूरी ओपन लैंड होता है। इसकी लोकेशन और वहां तक एप्रोच सबसे ज्यादा मायने रखता है। अभी वर्तमान स्थितियों में इस तरह की जमीन की कीमत काफी बढ़ गई है। फिर इस खाली जमीन पर नया निर्माण करना।

इससे मकान, फ्लैट या डेवलप प्लॉट की कीमत बढ़ जाती है। कॉस्ट ज्यादा होने की वजह से बिल्डर ये सोच रख रहे हैं कि पहले पुराना प्रोजेक्ट सौ फीसदी पूरा हो जाए। इसके बाद नया प्रोजेक्ट लांच किया जाए। इसके अलावा जहां निर्माण हो रहा है भविष्य में उसकी कीमत बढ़ेगी या नहीं इस पर भी ध्यान देना पड़ता है। – पंकज लाहोटी, अध्यक्ष छग क्रेडाई



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