SECR GM arrived to inspect Durg station | दुर्ग स्टेशन का निरीक्षण करने पहुंचे SECR के जीएम: बोले-139 पर आने वाले कॉल में 50% सुरक्षा से जुड़े, कॉलोनी की महिलाओं की सुनी समस्याएं – durg-bhilai News

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June 20, 2025


दुर्ग स्टेशन का निरीक्षण करने पहुंचे SECR के जीएम

दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे (SECR) के महाप्रबंधक तरुण प्रकाश ने शुक्रवार को दुर्ग रेलवे स्टेशन का निरीक्षण किया। वे करीब 3 घंटे तक स्टेशन परिसर में मौजूद रहे और यात्री सुविधाओं, साफ-सफाई, रखरखाव, और सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लिया।

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उनके साथ रेलवे के वरिष्ठ अधिकारी और कर्मचारी भी मौजूद थे। निरीक्षण के दौरान जीएम ने अधिकारियों को कमियों को सुधारने और सुविधाएं बेहतर करने के लिए जरूरी दिशा-निर्देश दिए।

रेलवे कॉलोनी की महिलाओं ने बताईं परेशानियां

निरीक्षण के दौरान रेलवे कॉलोनी की महिलाएं भी जीएम से मिलने पहुंचीं। उन्होंने बिजली, पानी, सड़क जैसी मूलभूत समस्याओं की जानकारी दी। जीएम ने तुरंत इन समस्याओं को हल करने के आदेश अधिकारियों को दिए।

दुर्ग स्टेशन पर हो रहा है तेज़ी से विकास कार्य: जीएम

मीडिया से बात करते हुए महाप्रबंधक तरुण प्रकाश ने बताया कि दुर्ग स्टेशन पर विकास कार्य तेजी से हो रहे हैं। उन्होंने बताया कि रायपुर-दुर्ग और नागपुर-दुर्ग के बीच नई चौथी रेलवे लाइन के काम की भी समीक्षा की गई है।

यात्रियों की सुरक्षा को लेकर रेलवे सतर्क

यात्रियों की सुरक्षा पर बात करते हुए जीएम ने कहा कि यात्रियों की सुरक्षा को लेकर रेलवे पूरी तरह सतर्क है। उन्होंने बताया कि लगभग 80 ट्रेनों में नियमित रूप से आरपीएफ की टीमें तैनात रहती हैं, जो यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करती है।

उन्होंने कहा कि रेलवे की हेल्पलाइन नंबर 139 पर जो कॉल्स आते हैं, उनमें से करीब 50% कॉल सुरक्षा से जुड़ी होती हैं, जिनका तुरंत समाधान किया जाता है। रेलवे की कंटीन्यूअस रेटिंग में सुरक्षा के मामलों में रेलवे को ‘एक्सीलेंट’ रेटिंग मिली है, जो यह दिखाता है कि सुरक्षा के लिए लगातार बेहतर काम किया जा रहा है।

सांसद विजय बघेल भी हुए शामिल

दुर्ग सांसद विजय बघेल भी निरीक्षण के दौरान मौजूद थे। उन्होंने बताया कि स्टेशन पर यात्री सुविधाओं को लेकर जो भी काम हो रहे हैं, उनकी गति और गुणवत्ता की जानकारी ली गई है। उन्होंने सुझाव दिया कि स्टेशन की व्यवस्था को और बेहतर करने के लिए एक संयुक्त समिति बनाई जाए जिसमें नगर निगम, जिला प्रशासन, रेलवे और जनप्रतिनिधि शामिल हों।



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