खैरबार पंचायत पहुंचे सरगुजा सांसद
अम्बिकापुर शहर से लगे जिले के सबसे बड़े पंचायत खैरबार को राजस्व ग्राम का दर्जा नहीं मिला है। यह वन ग्राम घोषित है और राजस्व के नक्शे से गायब है। इस कारण यहां के हजारों लोग दशकों से समस्याओं से जूझ रहे है। शनिवार को सरगुजा संसद चिंतामणि महाराज ने ग्राम
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अंबिकापुर से सटा ग्राम पंचायत खैरबार दशकों से अस्तित्व में है। यहां के लोगों को रियासत काल में सरगुजा महाराज द्वारा दस्तावेज देकर बसाया गया था और उनके पास ये दस्तावेज आज भी मौजूद हैं, लेकिन उनकी जमीनों के दस्तावेज अब किसी काम के नहीं है और उनके पास अपनी जमीन का मालिकाना हक भी नहीं है। इसके कारण यहां के लोगों का जाति, आय, निवास प्रमाणपत्र भी नहीं बन पा रहा है।

चौपाल लगाकर सुनी लोगों की समस्याएं
एक दशक से प्रक्रिया शनिवार को चिंतामणि महाराज गांव में पहुंचे तो लोगों ने बताया कि खैरबार को वन ग्राम से राजस्व ग्राम बनाने की घोषणा वर्ष 2015 में की गई थी। इसके लिए दावा आपत्ति मंगाई गई, जिसका निराकरण अब तक नहीं हो सका है। यहां के ग्रामीण अपनी ही जमीन के मालिक नहीं हैं।
ग्रामीण न अपनी जमीन की खरीद-बिक्री कर सकते है और न ही जमीन की अपने नाम पर रजिस्ट्री करा सकते हैं। स्कूलों में पढ़ने वाले बच्चों के प्रमाणपत्र नहीं बन पाते। यहां के बच्चों को शासन की योजनाओं का लाभ नहीं मिल पा रहा है। शासकीय नौकरी के लिए उनकी जाति से संबंधित दस्तावेज नहीं बन पा रहे हैं।
IIT रुड़की ने किया था सर्वे ग्राम पंचायत खैरबार को वन ग्राम से राजस्व ग्राम घोषित करने शासन के निर्देश पर सर्वे का काम एजेंसी भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान रूड़की द्वारा किया गया। इसका अंतिम प्रकाशन हेतु तहसील अम्बिकापुर अंतर्गत ग्राम खैरबार का 4 शीट नक्शा उपलब्ध कराया गया।
हल्का पटवारियों एवं राजस्व निरीक्षकों द्वारा तैयार किये गये नक्शा शीटों एवं खसरों दावा आपत्ति मंगवाई गई थी और ज्यादातर आपत्तियों का निराकरण भी हो चुका है लेकिन अंतिम प्रकाशन नहीं होने से अब तक गजट नोटिफिकेशन की प्रक्रिया लंबित है।
सांसद बोले-जल्द पूरी कराएंगे प्रक्रिया सांसद चिंतामणि महाराज ने मौके पर मौजूद SDM फागेश सिन्हा व अधीक्षक भू-अभिलेख प्रक्रिया के संबंध में जानकारी ली। ग्रामीणों ने क्षेत्र में वन भूमि पर हो रहे अतिक्रमण, जाति निवास प्रमाण पत्र सहित अन्य समस्याओं से अवगत कराया। इस दौरान सांसद ने अधिकारियों को जल्द से जल्द इस प्रक्रिया को पूर्ण करने और अतिक्रमण के खिलाफ कार्रवाई करने के निर्देश दिए। सांसद ने कहा कि से मुलाकात कर वे प्रक्रिया को जल्द पूरी कराएंगे।
शासन को भेजा जाएगा प्रस्ताव एसडीएम फागेश सिन्हा ने बताया कि ग्राम पंचायत खैरबार को वन ग्राम से राजस्व ग्राम बनाने के लिए सर्वे हो चुका है। तैयार नक्शा और खसरा सीटों के संबंध में दावा आपत्ति मंगवाई गई थी। उनमें से ज्यादातर आपत्तियों का निराकरण हो गया है। शेष दावा आपत्ति का निराकरण कर गजट नोटिफिकेशन के लिए शासन को भेजा जाएगा।