This time, due to non-availability of fertilizers on time, paddy production may be affected | इस बार समय पर खाद नहीं मिलने से धान की पैदावार पर पड़ सकता है असर – kabirdham News

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August 3, 2025


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किसानों को इस बार समय पर खाद नहीं मिल पाई। शुक्रवार को सेवा सहकारी समिति परपोड़ी में खाद वितरण किया गया। खाद लेने बड़ी संख्या में किसान सुबह से ही समिति कार्यालय पहुंच गए। किसानों ने बताया कि यदि समय पर खाद मिल जाती तो इतनी भीड़ नहीं होती। देरी से खाद मिलने पर धान की पैदावार में भी कमी आ सकती है। किसानों को यूरिया, डीएपी, पोटाश की जरूरत समय-समय पर होती है।

रोपाई के समय, बाली आने से पहले, कीट और रोग से बचाव के लिए और दानों को मोटा व चमकदार बनाने के लिए खाद जरूरी होती है। मिट्टी के प्रकार के अनुसार खाद की मात्रा भी बदलती है। पोटाश से पौधों की जल उपयोग क्षमता बढ़ती है। इसी वजह से किसान समिति पहुंचे। पहचान के बाद ही किसानों को खाद दी जा रही है। इसके लिए ऋण पुस्तिका, किसान क्रेडिट चेक बुक, बैंक पासबुक लाना जरूरी है। थंब इंप्रेशन से पहचान की जाती है। खाद की जानकारी किसान क्रेडिट चेक बुक में दर्ज की जाती है। सेवा सहकारी समिति के प्रबंधक ईश्वरी वर्मा ने बताया कि किसानों की संख्या के अनुसार खाद की मांग भेजी गई थी। लेकिन मांग के अनुसार खाद का आवंटन नहीं हुआ। सभी किसानों को खाद मिले, इसके लिए प्रयास जारी है।

महंगे दाम पर मिल रही खाद किसानों ने बताया कि पहले सभी खाद एक साथ मिल जाता था। इस बार ऐसा नहीं हुआ। परपोड़ी के किसान सुदामा साहू ने कहा कि वह 2 बोरी यूरिया और 2 बोरी डीएपी लेने आए हैं। समय पर खाद नहीं मिलने से परेशानी हो रही है। एक अन्य किसान ने बताया कि खरीफ फसल का काम मई-जून से शुरू हो जाता है। जून से ही खाद जरूरी होता है। पिछले साल ऋण और खाद एक साथ मिल जाती थी। इस बार देरी हो रही है। खेत में तुरंत यूरिया, पोटाश, डीएपी का छिड़काव जरूरी है। देरी से उत्पादन पर असर पड़ेगा। बाजार में खाद महंगे दाम पर मिल रहा है। इससे किसानों की परेशानी बढ़ी है।



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