प्रदेश में हो रही भारी बारिश से जलाशय, नदियां और नाले उफान पर हैं। गंगरेल बांध के गेट खोले जाने के बाद महानदी का जलस्तर भी तेजी से बढ़ गया है। इसी बीच आरंग के ग्राम निसदा में बैराज के गेट से मछली पकड़ते और बेचने का वीडियो वायरल हो रहा है।
.
बैराज का जल स्तर बढ़ने के बाद प्रशासन ने सुरक्षा को लेकर एक एडवाइजरी भी जारी की है। जिसमें बैराज के पास नहीं जाने और सावधानी बरतने की अपील की गई है। लेकिन बैराज से मछली पकड़ने और उसे बेचने का वीडियो वायरल होने के बाद अब जल संसाधन विभाग पर भी सवाल खड़े हो रहे।

निसदा बैराज के गेट से मछली पकड़ते।
सुरक्षा पर सवाल खड़े हो रहे
मिली जानकारी के मुताबिक बैराज में पानी लबालब भरा हुआ है और कुछ गेट खुले हुए हैं। ऐसे में मछलियां बड़ी संख्या में उछलकर गेट में फंस जाती हैं। इसी दौरान कर्मचारी गेट में उतरकर मछलियां पकड़ते हैं और उसे बेचते हैं। स्थानीय लोगों ने बताया कि आसपास के इलाकों से लोग बड़ी संख्या में मछली खरीदने भी यहां पहुंचते हैं।
वीडियो वायरल होने के बाद अब सुरक्षा को लेकर कई सवाल खड़े हो रहे है । रखरखाव और मेंटेनेंस में लगे कर्मचारी बेपरवाह होकर मछली पकड रहे है और उसे बेच रहे है वही इस ओर विभाग की भी नजर नहीं है।

बैराज से निकली मछली बेचते हुए।
बैराज गेट है डेंजर जोन
- बैराज का गेट डेंजर जोन घोषित क्षेत्र है।
- यहां आम लोगों का जाना पूरी तरह खतरनाक और प्रतिबंधित है।
- गेट में उतरकर मछली पकड़ना न सिर्फ नियम विरुद्ध बल्कि जानलेवा लापरवाही है।
- केवल रिपेयरिंग या मेंटेनेंस के समय ही तकनीकी कर्मचारी गेट में उतर सकते हैं।
- सामान्य परिस्थिति में गेट में जाना या वहां से मछली पकड़ना गैरकानूनी है।

मछली खरीदने के बाद रुपए देते लोग।