छत्तीसगढ़ के धमतरी जिले में पोटिया डीह गांव के ग्रामीणों ने कलेक्ट्रेट का घेराव किया। बड़ी संख्या में पहुंचे ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि हाउसिंग बोर्ड कॉलोनी बनाने के लिए उनके गांव की जमीन हड़पी जा रही है।
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उन्होंने चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगें पूरी नहीं हुईं, तो 100 से अधिक लोग आत्मदाह जैसा कदम उठाएंगे। ग्रामीणों ने चक्का जाम करने की भी धमकी दी है। ग्रामीणों ने बताया कि गांव की 17 एकड़ जमीन पहले ही हड़पी जा चुकी है।

हाउसिंग बोर्ड कॉलोनी बनाने के लिए जमीन हड़पने का आरोप
दरअसल, धमतरी जिला मुख्यालय से लगभग 10 किलोमीटर दूर ग्राम पोटिया डीह में पहले से ही एक हाउसिंग बोर्ड कॉलोनी मौजूद है। ग्रामीणों का कहना है कि अब फिर से 10 एकड़ जमीन को हाउसिंग बोर्ड कॉलोनी बनाने के लिए हड़पा जा रहा है, जिसका वे विरोध कर रहे हैं।
इसी के विरोध में उन्होंने कलेक्ट्रेट का घेराव किया और चक्का जाम करने की चेतावनी दी।

17 एकड़ जमीन पहले से हड़पी
ग्रामीणों ने बताया कि गांव की 17 एकड़ जमीन पहले ही हड़पी जा चुकी है। अब जिस 10 एकड़ जमीन को हड़पने का प्रयास किया जा रहा है, वहां धान खरीदी केंद्र, पशुओं के बैठने का स्थान, चारागाह, गौठान और श्मशान घाट जैसी महत्वपूर्ण सुविधाएं मौजूद हैं।
ग्रामीणों का कहना है कि यदि इन जमीनों को हड़प लिया गया, तो पांच गांवों के किसान धान की खरीदी-बिक्री कैसे करेंगे। उन्होंने प्रशासन पर बिना ग्राम पंचायत की सहमति और प्रस्ताव पारित किए इश्तिहार निकालने का आरोप लगाते हुए इसे ‘प्रशासन की दादागिरी’ बताया।
ग्रामीणों ने स्पष्ट किया कि वे गांव की जमीन किसी को नहीं देंगे और यदि उनकी बात नहीं मानी गई, तो आगामी दिनों में चक्का जाम किया जाएगा और 100 से अधिक लोग आत्मदाह के लिए तैयार हैं।
