![]()
उमरादाह| ग्राम कुरना में चल रहे श्री शिव महापुराण के चतुर्थ दिवस कथा वाचक पं. जय शर्मा ने माता सती के चरित्र की कथा सुनाई। उन्होंने बताया कि कैसे प्रजापति दक्ष ने अपनी तपस्या से जगत माता भवानी को पुत्री के रूप में प्राप्त किया, लेकिन अपने पद का अहंकार के कारण दक्ष महादेव से ईष्या करने लगे। कथा के माध्यम से महाराज ने कहा कि जो व्यक्ति अपने पद और प्रतिष्ठा का अहंकार करता है, उसका विनाश शीघ्र हो जाता है। वहीं जो महादेव से बैर भाव रखता है उस जीव का कभी कल्याण नहीं हो सकता। पं. शर्मा ने गंगा अवतरण व माता पार्वती के जन्म की कथा सुनाई। शिवपुराण की पावन कथा को श्रवण करने आस पास के गांवों के श्रद्धालु बड़ी संख्या में पहुंच रहे हैं।
Source link