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अमिताभ अरुण दुबे / प्रशांत गुप्ता की रिपोर्ट राजधानी रायपुर समेत प्रदेश के छोटे बड़े शहरों में अब नए तरह के नीम हकीम उभर रहे हैं। जो ब्यूटी पॉर्लर में डॉक्टरों वाले इलाज दे रहे हैं। सुंदरता बढ़ाने के नाम पर ऐसे घातक कैमिकल लगा रहे हैं जिनसे चेहरे बर्बाद हो रहे हैं। पीड़ितों को लंबे समय तक इलाज करवाना पड़ता है। ब्यूटी पॉर्लर इन सेवाओं की ऐवज में मोटी रकम भी वसूलते हैं। ब्यूटी पॉर्लर ऐसे स्किन ट्रीटमेंट कर रहे हैं जो केवल विशेषज्ञ डॉक्टर ही कर सकते हैं। जानकारों की मानें तो एक तरह से ये अवैध मेडिकल प्रैक्ट्रिस है, एक तरह की ठगी है। भास्कर की पड़ताल में पता चला है कि ब्यूटी पॉर्लर में बिना किसी प्रशिक्षित डॉक्टर के बोटाक्स फिलर, लेजर फेशियल, स्किन पॉलिशिंग, केमिकल पील, थ्रेड लिफ्ट, माइक्रोनीडलिंग जैसी सेवाएं दे रहे हैं। चेहरों पर ऐसे घातक कैमिकल लगा रहे हैं जिनसे चेहरे तक बर्बाद हो रहे हैं। डॉक्टरों के बिना इस तरह के प्रोसीजर से संक्रमण, जलन और स्थायी दाग का खतरा बढ़ जाता है। भास्कर इन्वेस्टिगेशन की पड़ताल में पता चला है कि ब्यूटी पार्लर में गलत प्रोसीजर से नुकसान होने पर लोग इसे अपनी गलती मानकर शिकायत नहीं करते, जबकि वहां न डॉक्टर होते हैं और न इमरजेंसी की व्यवस्था। महंगे इलाज के बावजूद वहां संक्रमण से बचाव के इंतजाम नहीं होते और घटिया दवाओं-क्रीम का इस्तेमाल खुलेआम किया जाता है। प्रदेश के सबसे बड़े सुपर स्पेशलिटी अस्पताल डीकेएस अस्पताल में रोज ऐसे 10 से 15 मामले पहुंच रहे हैं। पड़ताल में पता चला है कि पिछले 5 साल में स्वास्थ्य विभाग की ओर से इस तरह के इलाज देने वाले ब्यूटी पॉर्लर पर कोई भी मामला दर्ज नहीं हुआ है। तस्वीरों में देखिए सच… कितना घातक होता है ऐसा इलाज मेरी सगाई टूट गई, चेहरे पर दाग लंबे वक्त तक रहा
पंचशील नगर की रिया (बदला नाम) की सगाई करीब थी। चेहरे पर झांईयां थी। ब्यूटी पॉर्लर में 20 हजार के पैकेज में चेहरे पर इंजेक्शन लगाए। कैमिकल रिएक्शन से बड़ा दाग बन गया। सगाई तक टूट गई। चेहरे पर गड्ढे जैसा निशान
टैगोर नगर की रोशनी (बदला हुआ नाम) ने कहा कि उनके चेहरे पर आंखों के पास मस्सा था। ब्यूटी पॉर्लर में कहा गया कि उसे हटा देंगे। उन्होंने कहा कि कैमिकल लगाकर उनकी सर्जरी जैसी कर दी, मेरे चेहरे पर गड्ढे जैसा घाव बन गया। अभी जिसका इलाज चल रहा है। गलत केमिकल लगाने से आंखें बर्बाद होने से बाल-बाल बचीं
अमलीडीह की सुनीता (बदला नाम) के आंखों में काले घेरे पड़ गए थे। ब्यूटी पॉर्लर में फेशियल के साथ डॉर्क सर्कल हटाने क्रीम दी। लगाने के 2-3 दिन बाद आंखें सूज गईं और चेहरा जल गया।
कान के छेद बड़े हो गए थे, बंद करने के लिए केमिकल लगाया रायपुरा की मधु (बदला हुआ नाम) बताती हैं कि इयर रिंग पहनने से उनके कान के छेद बड़े होने लगे थे। छेद बंद करवाने पॉर्लर में कैमिकल लगाया। उसी वक्त उन्हें तेज जलन होने लगी, फिर घाव हो गया।
टैटू हटाने के लिए केमिकल लगा दिया, हुआ रिएक्शन श्यामनगर की तारा (बदला नाम) ने बताया कि उन्होंने हाथों और पैर में टैटू बनवाया था। ब्यूटी पॉर्लर के स्टाफ ने कहा कि वो टैटू हटा देंगे। उन्हें टैटू हटाने के लिए कैमिकल लगाया, उसके बाद रिएक्शन हो गया। डबल चिन हटाने की बात कही टिकरापारा की दुर्गा (बदला नाम) के मुताबिक उनके चेहरे पर फैट बढ़ने लगा था। उनसे ब्यूटी पॉर्लर में कहा गया कि वहां डबल चिन का ट्रीटमेंट हो जाएगा। उनकी घंटो तक लंबी सीटिंग चली। जिसमें बहुत सारे प्रोसीजर कर दिए। चेहरा कुछ ऐसा बिगड़ा कि सर्जरी की नौबत आ गई। कान में छेद बंद करने के लिए कैमिकल लगाया, रिएक्शन से हुआ ट्यूमर कटोरा तालाब की बिंदु (बदला नाम) बताती हैं कि वो कान के छेद को बंद कराने के लिए ब्यूटी पॉर्लर के झांसे में आ गई। कैमिकल से कान का छेद बंद करने के लिए उनसे 300 रुपए लिए गए। रिएक्शन कुछ ऐसा हुआ कि कान में ट्यूमर जैसा बन गया। डॉक्टरों के इलाज से ये ठीक हुआ।
सलाह… लोगों को जागरूक होना होगा स्किन ट्रीटमेंट विशेषज्ञ चिकित्सकों से ही करवाना चाहिए। ब्यूटी पॉर्लर को भी केवल वही काम करने चाहिए जो उनके दायरे में आते हैं। लोगों को इसके लिए जागरूक करने की भी जरूरत है।
-डॉ. सुनील कालड़ा, डायरेक्टर, कालड़ा बर्न एंड प्लास्टिक कॉस्मेटिक सर्जरी हॉस्पिटल, रायपुर सबक… हर दिन 10 से ज्यादा ऐसे केस डीकेएस अस्पताल में हर दिन 10 से ज्यादा केस आ रहे हैं। जिनमें ब्यूटी पॉर्लर में स्किन ट्रीटमेंट करवाने के बाद लोगों को गंभीर रिएक्शन हो जाते हैं। लोगों को खुद सर्तक रहने की जरूरत है। गलत होने पर शिकायत करने से झिझके नहीं।
-डॉ. दक्षेश शाह, एचओडी प्लास्टिक सर्जरी विभाग, डीकेएस समाधान… कड़े कानूनी प्रावधान हैं ^यदि कोई व्यक्ति बिना मेडिकल डिग्री के कॉस्मेटिक सर्जरी करता है तो वह दंडनीय अपराध हैl उसे 1 वर्ष का कारावास और चोट गंभीर हो तो उसे 7 वर्ष तक का कारावास हो सकता हैl
-डॉ. भूपेंद्र करवन्दे, सहायक प्राध्यापक विधि, शासकीय छत्तीसगढ़ महाविद्यालय
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