![]()
सालभर में छठवीं बार बस्तर दौरे पर पहुंचे केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने जगदलपुर में बस्तर पंडुम के मंच से एक बार फिर नक्सलवाद के खिलाफ हुंकार भरी। शाह ने कहा कि कभी बस्तर का 75 फीसदी से ज्यादा इलाका लाल आतंक की जद में था। अब मुट्ठीभर ही नक्सली बचे हैं। सरकार की पुनर्वास योजना के तहत सरेंडर करें। अब भी हथियार नहीं छोड़े, तो उन्हें बख्शा नहीं जाएगा। हमारे जवान हथियार का जवाब हथियार से ही देंगे। उन्होंने बस्तर पंडुम में प्रतिभा का प्रदर्शन करने आए कलाकारों की प्रस्तुति देखी और स्टॉल्स भी देखे। इस दौरान डिप्टी सीएम व गृहमंत्री विजय शर्मा और वन मंत्री केदार कश्यप भी मौजूद थे। अब अंतिम सांसें ले रहा है नक्सलवाद: सीएम साय
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि 45 साल से ज्यादा समय तक बस्तर नक्सलवाद का दंश झेलता रहा। इसके चलते बुनियादी सुविधाएं पहुंच भी नहीं पाती थीं, लेकिन केंद्र सरकार में पीएम नरेंद्र मोदी और गृहमंत्री अमित शाह की दृढ़ इच्छाशक्ति से अब बस्तर शांति की ओर अग्रसर है। बीते दो साल में जवानों ने जिस मजबूत निश्चय के साथ नक्सलवाद के खिलाफ लड़ाई लड़ी है, उससे अब नक्सलवाद अंतिम सांसें ले रहा है। पहले बस्तर से नक्सलवाद का खात्मा एक सपने जैसा लगता था, जवानों ने इसे हकीकत करके दिखाया है। विजेता जाएंगे राष्ट्रपति भवन: शाह ने कहा कि बस्तर पंडुम की संभाग स्तरीय स्पर्धाओं में पहले, दूसरे और तीसरे स्थान पर आने वाले प्रतिभागियों को दिल्ली के राष्ट्रपति भवन में बुलाया जाएगा। वहां ये प्रतिभागी राष्ट्रपति के सामने अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन करेंगे। उनके साथ रात्रिभोज भी करेंगे। राष्ट्रपति ने निवेदन स्वीकार कर लिया है। बस्तर में नया औद्योगिक क्षेत्र बन रहा, सिंचाई परियोजना भी केंद्रीय मंत्री शाह ने कहा कि बस्तर में नक्सलवाद के खात्मे के साथ बस्तर में 118 एकड़ रकबे में नया औद्योगिक क्षेत्र बनाया जा रहा है। सुकमा, दंतेवाड़ा और बीजापुर जिलों के 2.75 लाख हेक्टेयर खेतों की सिंचाई के लिए 3600 करोड़ की लागत से सिंचाई परियोजना भी शुरू की जाएगी। इससे 120 मेगावॉट बिजली पैदा होगी। बस्तर में एक भी सिंचाई परियोजना नहीं है। इसके चलते आदिवासी किसानों को बारिश पर ही निर्भर रहना पड़ता है। सिंचाई परियोजना से अब किसानों को खेतों को सींचने के लिए सिर्फ बारिश पर निर्भर नहीं रहना पड़ेगा। उन्होंने कहा कि 3300 करोड़ रुपए की लागत से रावघाट-जगदलपुर रेल प्रोजेक्ट पर भी जल्द काम शुरू किया जाएगा। नदी जोड़ो परियोजना पर भी लगातार काम चल रहा है। बस्तर के 90 हजार से ज्यादा युवाओं को विभिन्न व्यवसायों की ट्रेनिंग देकर उन्हें आगे बढ़ाया जाएगा। अगले 5 साल में बस्तर पूरे देश का सबसे ज्यादा विकसित और समृद्धशाली संभाग बनेगा।
भास्कर इनसाइट सुकमा, बीजापुर, नारायणपुर की सीमा पर 7 पॉकेट में सिमट गए हथियारबंद नक्सली; केवल 150 ही सक्रिय नक्सली अब केवल सुकमा, बीजापुर और नारायणपुर की सीमा पर ही सिमटकर रह गए हैं। सिर्फ 6-7 पॉकेट ऐसे हैं, जहां नक्सलियों की सक्रियता दिखाई दे रही है। यह पॉकेट जंगल और पहाड़ वाले इलाके हैं। वहां भी फोर्स लगातार ऑपरेशन चला रही है। इन इलाकों में महज 150 की संख्या में हथियारों से लैस नक्सली बचे हैं। बचे हुए नरायपुर| क्सलियों के पास भी दो ही रास्ते हैं- सरेंडर या मौत। इसके अलावा उनके पास कोई विकल्प नहीं है। जैसा कि केंद्रीय गृहमंत्री ने कहा है कि 31 मार्च तक बस्तर से नक्सलवाद खत्म हो जाएगा। इसके लिए पड़ोसी राज्यों के साथ मिलकर संयुक्त ऑपरेशन चलाया जा रहा है। फोर्स के लगातार ऑपरेशन के बाद नक्सली गांव छोड़कर सीमावर्ती राज्यों के जंगलों और पहाड़ों में छिप गए हैं। फिलहाल नक्सलियों की सक्रियता बीजापुर-सुकमा की सीमा, छत्तीसगढ़-तेलंगाना-आंध्रप्रदेश की सीमा और नारायणपुर-गढ़चिरौली की सीमा, कर्रेगुट्टा की पहाड़ी, नेशनल पार्क के इलाके पर ही दिखाई दे रही है। अभी नक्सलियों के दो ही बड़े लीडर सेंट्रल कमेटी मेंबर देवाजी और स्टेट कैडर मेंबर पापा राव ही सक्रिय हैं। शेष|पेज 6 बाकी बड़े लीडर या तो मारे गए हैं या सरेंडर कर चुके हैं। पिछले दो सालों में पुलिस ने नक्सलियों से 900 से ज्यादा हथियार बरामद किए हैं। अब तक 2500 से ज्यादा नक्सलियों ने सरेंडर किया है, जबकि 310 से ज्यादा नक्सली मारे गए हैं। फोर्स का संयुक्त रूप से लगातार ऑपरेशन चल रहा है और लगातार कैंप भी स्थापित किए जा रहे हैं। ऑपरेशन के साथ इन इलाकों में विकास कार्य भी तेज हो गया है। लोगांे को मूलभूत सुविधा दी जा रही है, जिससे ग्रामीण वंचित थे।
Source link