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ऑनलाइन प्लेटफॉर्म OLX पर सस्ते में कैमरा बेचने का लालच देकर एक युवती से 2 लाख रुपए की ठगी का मामला सामने आया है। ठग ने खुद को कैमरा विक्रेता बताकर OLX पर विज्ञापन डाला था। विज्ञापन देखकर संपर्क करने पर आरोपी ने भरोसे में लेकर युवती से UPI के जरिए अपने बताए गए बैंक खाते में पैसे ट्रांसफर करवा लिए और इसके बाद मोबाइल फोन बंद कर लिया। पीड़िता का नाम पुलिस द्वारा भव्या देवांगन बताया जा रहा है। अब पढ़े क्या है पूरा मामला महामाया मंदिर पुरानी बस्ती निवासी पीड़िता भव्या देवांगन ने पुलिस को बताया, कि सेकेंड हैंड कैमरा खरीदने के लिए OLX पर सर्च कर रही थी। इसी दौरान उसे एक आकर्षक कीमत पर कैमरा बेचने का विज्ञापन दिखाई दिया। युवती ने दिए गए मोबाइल नंबर पर संपर्क किया। आरोपी ने खुद को सदर बताते हुए कैमरे की अच्छी कंडीशन और कम कीमत का झांसा दिया। बातचीत के दौरान उसने कहा कि डिमांड ज्यादा है, इसलिए पहले पेमेंट करने पर ही कैमरा भेजा जाएगा। आरोपी की बातों में आकर युवती ने UPI के माध्यम से उसके बताए खाते में कुल 2 लाख रुपए ट्रांसफर कर दिए। पैसे मिलते ही आरोपी ने फोन उठाना बंद कर दिया। इसके बाद युवती को ठगी का एहसास हुआ और उसने थाने पहुंचकर शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने शुरू की जांच पीड़िता की शिकायत पर पुरानी बस्ती पुलिस ने मामले में जांच शुरू कर दी है। बैंक खाते, मोबाइल नंबर और UPI ट्रांजेक्शन के आधार पर तकनीकी जांच की जा रही है। पुलिस ने आम लोगों से अपील की है कि ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर खरीदारी करते समय सावधानी बरतें, बिना वस्तु देखे या पुख्ता जानकारी के एडवांस पेमेंट न करें, ताकि इस तरह की ठगी से बचा जा सके। पढ़े साइबर ठगी के 10 पैटर्न
6 सालों में साइबर ठगी की घटनाएं 42 गुना बढ़ गई भारत में साल 2023 में 9.2 लाख से अधिक साइबर अपराध संबंधी शिकायतें दर्ज की गईं, जिनमें लगभग 6,000 करोड़ की आर्थिक हानि हुई। गृह मंत्रालय की रिपोर्ट के अनुसार, पिछले छह वर्षों में साइबर ठगी की घटनाएं 42 गुना बढ़ गई हैं। यह केवल तकनीकी समस्या नहीं रह गई, बल्कि आर्थिक और कानूनी चुनौती भी बन गई है। ठगी से प्राप्त धन को धोखाधड़ी और अन्य अवैध गतिविधियों में इस्तेमाल करने के लिए मनी म्यूल, क्रिप्टोकरेंसी और हवाला नेटवर्क का सहारा लिया जा रहा है। इसके मुकाबले सरकारें साइबर सुरक्षा पर अरबों रुपए खर्च कर रही हैं। भारतीय साइबर अपराध समन्वय केंद्र (ICCC) ने 2025 के लिए अनुमान लगाया है कि भारतीयों को साइबर ठगी के माध्यम से 1.2 लाख करोड़ से अधिक का नुकसान होने की आशंका है। यह राशि बिहार राज्य के वार्षिक बजट के लगभग आधे के बराबर है। विशेषज्ञों का कहना है कि आम जनता को डिजिटल लेनदेन करते समय ज्यादा सतर्क रहने की जरूरत है। केवल भरोसेमंद और लाइसेंस प्राप्त प्लेटफॉर्म पर ही ऑनलाइन पेमेंट और बैंकिंग करना सुरक्षित है। छत्तीसगढ़ में 791 करोड़ रुपए की ऑनलाइन धोखाधड़ी की शिकायतें विधानसभा के पिछले सत्र में यह आंकड़े पेश किए गए थे। छत्तीसगढ़ में पिछले तीन सालों में 791 करोड़ की साइबर ठगी के मामले सामने आए हैं, डिप्टी सीएम विजय शर्मा ने विधायकों के सवालों पर विधानसभा में बताया था, कि राज्य के 67,389 लोगों ने 2023 से जून 2025 तक राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल पर 791 करोड़ रुपए की ऑनलाइन धोखाधड़ी की शिकायतें दर्ज कराई हैं। उन्होंने बताया कि इनमें से 21,195 शिकायतों का निपटारा कर दिया गया है और 1,820 पीड़ितों का पैसा वसूल कर उन्हें वापस कर दिया गया है।
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