सुस्त सिस्टम:स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स हुआ 29 करोड़ महंगा तो कृषि भवन पर 7 करोड़ खर्च बढ़ा

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February 8, 2026




कौशल स्वर्णबेर/ सुधीर उपाध्याय की रिपोर्ट प्रदेश में सरकारी भवनों और परियोजनाओं की बढ़ती निर्माण लागत सवालों के घेरे में है। नवा रायपुर में प्रस्तावित स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स की लागत में करीब 29 करोड़ की बढ़ोतरी हो गई है। वहीं इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय के प्रशासनिक भवन पर 7 करोड़ खर्च करने के बाद भी निर्माण अधूरा ही है। इसे पूरा करने में अब और 7 करोड़ खर्च करने होंगे। देरी, विवाद, महंगे टेंडर और कमजोर निगरानी के कारण जनता के पैसों पर बोझ बढ़ता जा रहा है। हद तो यह है कि बढ़ती लागत के कारण तलाशने बार-बार जांच होती है लेकिन ना तो रिपोर्ट सार्वजनिक होती है और ना ही कार्रवाई। स्पोर्ट्स कॉम्पलेक्स की संशोधित लागत और अतिरिक्त बजट स्वीकृति पर अंतिम निर्णय अब राज्य शासन को लेना है। मंजूरी मिलते ही निर्माण कार्य को तेज़ी से आगे बढ़ाने की तैयारी है। स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स : लागत 85 करोड़ से 114 करोड़ हुई
नवा रायपुर अटल नगर में बनने जा रहे बहुप्रतीक्षित स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स (फेज-1) की लागत में बड़ा उछाल सामने आया है। पहले इस परियोजना को 85.05 करोड़ की प्रशासकीय स्वीकृति मिली थी, लेकिन अब इसकी लागत बढ़ाकर 114.05 करोड़ करने का प्रस्ताव राज्य शासन को भेजा गया है। यानी करीब 29 करोड़ की बढ़ोतरी हुई है। यह प्रस्ताव नवा रायपुर अटल नगर विकास प्राधिकरण के मुख्य कार्यपालन अधिकारी द्वारा खेल एवं युवा कल्याण विभाग को भेजा गया है। जिसके बाद खेल संचालनालय की ओर से खेल मंत्रालय को इसकी चिट्‌ठी भेजी गई है। दरअसल खेल विभाग ने 13 मार्च 2025 को परियोजना को प्रशासनिक मंजूरी दी थी। इसके बाद 81.82 करोड़ के इस्टीमेट पर टेंडर जारी हुआ। निविदा प्रक्रिया में डीवी प्रोजेक्ट्स लिमिटेड, कोरबा सबसे कम दर पर चयनित हुई, लेकिन उसकी दर लागत से 19.70 फीसदी अधिक रही। इस आधार पर स्वीकृत निविदा राशि 97.94 करोड़ पहुंच गई। नवा रायपुर विकास प्राधिकरण के संचालक मंडल ने 24 नवंबर 2025 की बैठक में इस दर को मंजूरी दे दी और संशोधित प्रशासकीय स्वीकृति की प्रक्रिया बढ़ाने के लिए सीईओ को अधिकृत किया। काम शुरू करने के आदेश जारी
चयनित एजेंसी डी.वी. प्रोजेक्ट्स लिमिटेड, कोरबा को 1 दिसंबर 2025 को वर्क ऑर्डर जारी किया जा चुका है। सेक्टर-28 में इस काम को 18 महीने में पूरा करा था आैर इसके लिए 4.89 करोड़ रुपए की परफॉर्मेंस गारंटी दी गई है। पुरानी लागत पर एनआरडीए कराएगा निर्माण
स्पोर्ट्स कांप्लेक्स का निर्माण एनआरडीए द्वारा कराया जा रहा है। जमीन चिन्हांकन से लेकर ठेके की पूरी प्रक्रिया नवा रायपुर विकास प्रािधकरण के जिम्मे है। इसके निर्माण की लागत नहीं बढ़ी है।
– तनूजा सलाम, संचालक खेल विभाग
शासन ने कृषि विवि से पूछा- खर्च बढ़ने का दोषी कौन? इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय का प्रशासनिक भवन 7 साल बाद भी अधूरा है। भवन निर्माण की शुरुआत वर्ष 2018 में हुई थी और तब इसे डेढ़ साल में बनकर तैयार होना था। तब अनुमानित लागत 7 करोड़ रुपए थी। वर्ष 2019 में ठेकेदार और इंजीनियरिंग शाखा के बीच विवाद के कारण काम बंद हो गया। कृषि विवि ने निर्माण फिर से शुरू करने का फैसला लिया है। शासन ने इसकी मंजूरी दे दी है। हालांकि इसे पूरा करने पर और 7 करोड़ रुपए खर्च करने होंगे। खर्च बढ़ने पर शासन ने कड़ी नाराजगी जताते हुए विवि प्रबंधन से पूछा है कि लागत दोगुनी होने के लिए जिम्मेदार कौन है? क्यों ना इसकी जांच कराई जाए? वैसे अब तक न तो जांच शुरू हो सकी है और न ही काम फिर शुरू करने का नया टेंडर हुआ है। इक्यूबेशन सेंटर पर भी हुए थे 16 करोड़ अधिक खर्च कृषि विवि में निर्माण लागत दोगुने का यह कोई इकलौता मामला नहीं है। इसी परिसर में बन रहे बायो-इन्क्यूबेशन सेंटर में भी बढ़ी लागत और समय को लेकर गंभीर सवाल उठ रहे हैं। लगभग 14 करोड़ से बनने वाले इस भवन पर अब तक 30 करोड़ रुपए खर्च हो चुके हैं। सेंटर का निर्माण वर्ष 2022 में शुरू हुआ था। इसे 2024 तक पूरा करना था। तय समयसीमा खत्म होने के दो साल बाद भी लगभग 90 प्रतिशत निर्माण हो सका है।



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