अब जांजगीर में भी जिला न्यायालय को बम से उड़ाने की धमकी, हड़कंप के बीच परिसर खाली कराया गया

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January 28, 2026


एहतियातन न्यायालय में मौजूद सभी न्यायाधीशों, अधिवक्ताओं, कर्मचारियों और आम नागरिकों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया। इसके बाद न्यायालय के मुख्य द्वार …और पढ़ें

Publish Date: Wed, 28 Jan 2026 05:16:16 PM (IST)Updated Date: Wed, 28 Jan 2026 05:17:30 PM (IST)

अब जांजगीर में भी जिला न्यायालय को बम से उड़ाने की धमकी, हड़कंप के बीच परिसर खाली कराया गया
बम की धमकी के बाद परिसर में तलाशी ली गई।

HighLights

  1. बम से उड़ाने की धमकी, मचा हड़कंप
  2. अज्ञात ई-मेल से मिली थी यह धमकी
  3. बम स्क्वॉड, साइबर टीम ने संभाला मोर्चा

जांजगीर-चांपा। जिला एवं सत्र न्यायालय को बम से उड़ाने की धमकी मिलने से शुक्रवार को हड़कंप मच गया। यह धमकी न्यायालय की आधिकारिक ई-मेल आईडी पर अज्ञात व्यक्ति द्वारा भेजे गए मेल के माध्यम से दी गई थी। सूचना मिलते ही प्रशासन और पुलिस महकमे में अफरा-तफरी का माहौल बन गया।

सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए तत्काल न्यायालय परिसर को खाली कराया गया और सघन तलाशी अभियान चलाया गया। धमकी की जानकारी मिलते ही पुलिस अधीक्षक विजय कुमार पांडेय के निर्देश पर पुलिस बल, बम निरोधक दस्ता (बम स्क्वॉड) और अन्य सुरक्षा एजेंसियां मौके पर पहुंचीं।

एहतियातन न्यायालय में मौजूद सभी न्यायाधीशों, अधिवक्ताओं, कर्मचारियों और आम नागरिकों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया। इसके बाद न्यायालय के मुख्य द्वार को बंद कर पूरे परिसर को सुरक्षा घेरे में ले लिया गया। बम स्क्वॉड और पुलिस टीम ने न्यायालय भवन के भीतर और आसपास के क्षेत्रों में गहन जांच की।

प्रत्येक कक्ष, गलियारे, परिसर और संदिग्ध स्थानों की बारीकी से तलाशी ली गई। कई घंटे तक चले तलाशी अभियान के बाद किसी भी प्रकार की विस्फोटक सामग्री या संदिग्ध वस्तु बरामद नहीं हुई। जांच पूरी होने के बाद अधिकारियों ने राहत की सांस ली, हालांकि सुरक्षा अलर्ट को फिलहाल बरकरार रखा गया है।

पुलिस अधीक्षक विजय कुमार पांडेय ने बताया कि धमकी भरा ई-मेल अज्ञात आईडी से भेजा गया था, जिसमें न्यायालय में बम होने और उसे उड़ाने की बात कही गई थी। मामले की गंभीरता को देखते हुए साइबर सेल को भी जांच में शामिल किया गया है।

साइबर टीम ने न्यायालय से संबंधित आवश्यक दस्तावेज और ई-मेल से जुड़ी तकनीकी जानकारियां जुटा ली हैं। ई-मेल कहां से भेजा गया, किस सर्वर या आईपी एड्रेस का उपयोग हुआ और इसके पीछे कौन व्यक्ति या समूह है, इसकी गहन जांच की जा रही है।



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