Digital Arrest: छत्तीसगढ़ के जांजगीर-चांपा जिले में साइबर ठगी का एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहां सिंचाई विभाग से सेवानिवृत्त तुषारकर देवांगन से अज्ञात साइबर अपराधियों ने मनी लॉन्ड्रिंग केस में फंसाने और डिजिटल अरेस्ट का डर दिखाकर करीब ₹32,54,996 की ठगी कर डाली। पीड़ित ने इस संबंध में कोतवाली थाने में मामला दर्ज कराया है, जिस पर पुलिस ने जांच शुरू कर दी है।
By Mohan Kumar
Publish Date: Mon, 21 Jul 2025 08:47:03 PM (IST)
Updated Date: Mon, 21 Jul 2025 08:47:03 PM (IST)

नईदुनिया प्रतिनिधि, जांजगीर-चांपा: जिले में साइबर ठगी का एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहां सिंचाई विभाग से सेवानिवृत्त तुषारकर देवांगन से अज्ञात साइबर अपराधियों ने मनी लॉन्ड्रिंग केस में फंसाने और डिजिटल अरेस्ट का डर दिखाकर करीब ₹32,54,996 की ठगी कर डाली। पीड़ित ने इस संबंध में कोतवाली थाने में मामला दर्ज कराया है, जिस पर पुलिस ने जांच शुरू कर दी है।
वॉट्सऐप पर भेजा फर्जी वारंट
जानकारी के अनुसार, पीड़ित तुषारकर देवांगन जांजगीर में शंकर नगर कॉलोनी के निवासी हैं। उनके व्हाट्सएप नंबर पर अज्ञात व्यक्तियों ने खुद को सरकारी एजेंसियों का प्रतिनिधि बताकर संपर्क किया और फर्जी डिजिटल अरेस्ट वारंट भेजा। आरोपियों ने दावा किया कि देवांगन मनी लॉन्ड्रिंग जैसे गंभीर अपराध में शामिल हैं और जल्द ही उनकी गिरफ्तारी हो सकती है।
छह बार में भेजी पूरी राशि
डर के साए में आए पीड़ित ने आरोपियों के कहे अनुसार कुल छह बार में बड़ी रकम चार अलग-अलग बैंक खातों और दो बार फोन पे के जरिए ट्रांसफर कर दी। रकम ट्रांसफर के बाद भी जब संदिग्ध बातचीत जारी रही, तब उन्हें ठगी का अंदेशा हुआ। अंततः उन्होंने कोतवाली थाने में पहुंचकर घटना की पूरी जानकारी दी। पुलिस ने धोखाधड़ी सहित अन्य प्रासंगिक धाराओं के तहत मामला दर्ज कर लिया है और मामले की जांच शुरू कर दी है।
सीएसपी कविता ठाकुर का कहना है कि बैंक खातों और ट्रांजेक्शन डिटेल्स की जांच की जा रही है। साइबर सेल की मदद से आरोपितों की पहचान और लोकेशन का पता लगाने की कोशिश जारी है।