Navratri Special: जांजगीर-चांपा के नैला में इस वर्ष का दुर्गा पूजा (Durga Pooja) उत्सव देशभर में चर्चा का विषय बना हुआ है। म्यांमार के प्रसिद्ध श्वेत मंदिर की प्रतिकृति में बना 140 फीट ऊंचा भव्य पंडाल और कमल पर विराजमान 35 फीट की अलंकृत मां दुर्गा की प्रतिमा भक्तों को खूब आकर्षित कर रही है, जिससे यहां का माहौल पूरी तरह भक्तिमय हो गया है।
Publish Date: Tue, 23 Sep 2025 11:56:49 AM (IST)
Updated Date: Tue, 23 Sep 2025 11:56:49 AM (IST)

HighLights
- म्यांमार के श्वेत मंदिर की प्रतिकृति में बना पंडाल।
- 35 फीट ऊंची मां दुर्गा की प्रतिमा, भव्य सजावट।
- सुरक्षा के लिए 100 CCTV, 200 स्वयंसेवक तैनात।
नईदुनिया न्यूज, जांजगीर-चांपा: नैला जांजगीर में दुर्गा पूजा उत्सव धूमधाम से मनाया जा रहा है। इस वर्ष म्यांमार बर्मा देश के सुप्रसिद्ध श्वेत मंदिर की प्रतिकृति का 140 फीट ऊंचा और 150 फीट चौड़ा भव्य पंडाल आकर्षण का केंद्र है। दुर्गा पूजा उत्सव आयोजन का यह 42 वां वर्ष है।
पंडाल में 35 फीट ऊंची प्रतिमा स्थापित
नैला का दुर्गोत्सव इस वर्ष भी जिला और प्रदेश ही नहीं बल्कि देशभर में चर्चित हो रहा है। अग्रसेन भवन नैला के सामने विशाल मैदान में विश्व प्रसिद्ध श्वेत मंदिर की प्रतिकृति में भव्य पंडाल बनाया गया है। पंडाल सहित मां दुर्गा प्रतिमा लोगों को आकर्षित कर रही है। समिति के अध्यक्ष राजू पालीवाल ने बताया कि पंडाल के भीतर मां दुर्गा की 35 फीट ऊंची प्रतिमा स्थापित की गई, जो हीरे, मोती और रत्नों से अलंकृत है।

इस भव्य प्रतिमा की पृष्ठभूमि अक्षरधाम मंदिर के गुंबदों और शीशमहल की शैली में निर्मित की गई है, जो एक दिव्य आभा प्रदान कर रही। यह नयनाभिराम दृश्य भक्तों को एक अलौकिक लोक का अनुभव करा रहा है। दुर्गा पूजा में विशेष लेजर शो और लाइटिंग प्रभाव का समावेश किया गया है।
100 CCTV और 200 वालिंटियर सुरक्षा में लगे
श्रद्धालुओं की सुविधा और सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए आयोजन समिति ने विशेष प्रबंध किए हैं। डिजिटल निगरानी, स्वच्छता व्यवस्था, वालिंटियर सहायता केंद्र और चिकित्सा आपातकालीन सेवाएं चौबीसों घंटे उपलब्ध रहेंगी, ताकि हर आगंतुक को एक सुखद और सुरक्षित अनुभव मिल सके। सुरक्षा के लिए पड़ाल के आसपास सौ सीसीटीवी लगाए जाएंगे। इसके अलावा दो सौ वालिंटियर तैनात रहेंगे।
देशभर से आते हैं श्रद्धालु
नैला का दुर्गोत्सव प्रदेश ही नहीं बल्कि देशभर में प्रसिद्ध हो चुका है। हर बार लोगों में यह उत्सुकता रहती है कि इस बार नैला का दुर्गोत्सव कैसा होगा। कैसी मूर्ति बनेगी, पंडाल कितना विशाल होगा। इसे देखने के लिए प्रदेश ही नहीं, बल्कि मध्यप्रदेश, ओडिशा, बिहार, उत्तरप्रदेश, दिल्ली, झारखंड सहित अन्य कई राज्यों के श्रद्धालु बड़ी संख्या में आते हैं।
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