केरल में नफरत का शिकार हुआ छत्तीसगढ़ का मजदूर, बांग्लादेशी होने के शक में पीट-पीटकर हत्या

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December 21, 2025


CG Crime: छत्तीसगढ़ के सक्ती जिले के एक युवक की केरल में बांग्लादेशी होने के शक में बेरहमी से पीट-पीटकर हत्या कर दिए जाने का सनसनीखेज मामला सामने आया …और पढ़ें

Publish Date: Sat, 20 Dec 2025 10:06:21 PM (IST)Updated Date: Sat, 20 Dec 2025 10:06:21 PM (IST)

केरल में नफरत का शिकार हुआ छत्तीसगढ़ का मजदूर, बांग्लादेशी होने के शक में पीट-पीटकर हत्या
केरल में बांग्लादेशी होने के शक में युवक की पीट-पीटकर हत्या

HighLights

  1. केरल में बांग्लादेशी होने के शक में पीट-पीटकर हत्या
  2. पल्लकड़ में मजदूरी की तलाश में गया था युवक
  3. मृतक की पहचान रामनारायण बघेल के रूप में हुई है

नईदुनिया प्रतिनिधि, जांजगीर-चांपा। छत्तीसगढ़ के सक्ती जिले के एक युवक की केरल में बांग्लादेशी होने के शक में बेरहमी से पीट-पीटकर हत्या कर दिए जाने का सनसनीखेज मामला सामने आया है। मृतक की पहचान रामनारायण बघेल के रूप में हुई है, जो सक्ती जिले के करही गांव का निवासी था। वह मजदूरी की तलाश में करीब एक सप्ताह पहले केरल के पल्लकड़ जिले गया था।

जानकारी के अनुसार रामनारायण बघेल पल्लकड़ में काम की तलाश में इधर-उधर घूम रहा था। इसी दौरान कुछ स्थानीय लोगों ने उसे घेर लिया और उसकी पहचान पर सवाल उठाते हुए उसे बांग्लादेशी बताकर मारपीट शुरू कर दी। आरोपितों ने बेरहमी से युवक की पिटाई की, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई। घटना की सूचना मिलने के बाद केरल पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर जांच शुरू की।

पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए इस मामले में पांच आरोपितों को गिरफ्तार कर लिया है। फिलहाल उनसे पूछताछ की जा रही है और मामले की विस्तृत जांच जारी है। इधर, घटना की खबर जैसे ही छत्तीसगढ़ स्थित सजन को मिली तो घर में कोहराम मच गया। मृतक अपने परिवार का एकमात्र कमाने वाला सदस्य था। उसके पीछे पत्नी और दो मासूम बच्चे हैं, जिनके सिर से पिता का साया हमेशा के लिए उठ गया।

इस दर्दनाक घटना से पूरे गांव में शोक का माहौल है। मृतक के स्वजन शव को लेने के लिए केरल रवाना हो गए हैं। परिवार के सदस्यों का कहना है कि अभी तक न तो केरल सरकार और न ही प्रशासन की ओर से किसी प्रकार के मुआवजे की घोषणा की गई है। साथ ही, शव को केरल से छत्तीसगढ़ लाने में भी बड़ी राशि खर्च होने की आशंका है, जो गरीब परिवार के लिए किसी बड़ी चुनौती से कम नहीं है।

स्वजन ने सरकार से मुआवजा देने और शव को सम्मानपूर्वक घर तक पहुंचाने में आर्थिक सहायता की मांग की है। वहीं, इस घटना ने एक बार फिर मजदूरी के लिए दूसरे राज्यों में जाने वाले श्रमिकों की सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।



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