जिंदल पावर की जमीन का फर्जी सौदा, कोर्ट ने पूर्व SDM और पटवारी सहित चार पर FIR के निर्देश दिए

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November 26, 2025


घरघोड़ा के पूर्व एसडीएम अशोक कुमार मार्बल और पटवारी परमेश्वर नेताम पर 2018 में भूमि से जुड़े गंभीर दस्तावेज़ फर्जीवाड़े का मामला सामने आया है। न्यायिक दंडाधिकारी प्रथम श्रेणी घरघोड़ा ने दोनों अधिकारियों सहित चार व्यक्तियों के खिलाफ धोखाधड़ी और कूटरचना की विभिन्न धाराओं के तहत अपराध दर्ज करने का आदेश दिया है।

Publish Date: Wed, 26 Nov 2025 09:34:04 PM (IST)

Updated Date: Wed, 26 Nov 2025 09:54:54 PM (IST)

जिंदल पावर की जमीन का फर्जी सौदा, कोर्ट ने पूर्व SDM और पटवारी सहित चार पर FIR के निर्देश दिए
CG News: पूर्व एसडीएम व पटवारी पर केस दर्ज करने के आदेश। फाइल फोटो

HighLights

  1. जिंदल पावर की भूमि फर्जी दस्तावेजों से बेची गई।
  2. न्यायालय ने चार लोगों पर FIR के आदेश दिए।
  3. पूर्व एसडीएम पर अन्य मामलों की जांच लंबित।

नईदुनिया प्रतिनिधि, रायगढ़ : वर्ष 2018 में घरघोड़ा के पूर्व एसडीएम अशोक कुमार मार्बल, पटवारी परमेश्वर नेताम और दो अन्य व्यक्तियों के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धारा 420, 419, 467, 468, 471 और 120-बी के तहत अपराध दर्ज करने का आदेश न्यायिक दंडाधिकारी प्रथम श्रेणी घरघोड़ा दामोदर प्रसाद चन्द्रा ने थाना प्रभारी लैलूंगा को दिया है। यह आदेश लैलूंगा निवासी अशोक कुमार अग्रवाल द्वारा दायर क्रिमिनल शिकायत पर सुनवाई के बाद दिया गया, जिसमें सीनियर एडवोकेट अशोक कुमार मिश्रा और आशीष कुमार मिश्रा ने पक्ष रखा।

आरोप है कि एसडीएम अशोक कुमार मार्बल और पटवारी परमेश्वर नेताम ने ग्राम झींकाबहाल की भूमि, खसरा नंबर 208 रकबा 0.773 हेक्टेयर, जो जिंदल पावर एंड स्टील लिमिटेड के नाम दर्ज थी, उसके राजस्व रिकॉर्ड में हेराफेरी की। दोनों अधिकारियों ने कूटरचित दस्तावेज तैयार कर भूमि स्वामी के रूप में बिहारी पटेल का नाम अंकित किया और ऋण पुस्तिका क्रमांक पी-1318403 जारी की। इन्हीं फर्जी कागजातों के आधार पर 23 जनवरी 2018 को बिहारी पटेल ने जमीन 11,84,000 रुपये में लैलूंगा के व्यापारी अशोक कुमार अग्रवाल को बेच दी और रजिस्ट्री भी कराई।

जब खरीदार ने 15 सितंबर 2023 को ऑनलाइन दस्तावेज निकाले तो भूमि वेणूधर वल्द ईश्वर के नाम दर्ज मिली। जांच करने पर पता चला कि वर्ष 2017 के खसरे में जमीन जिंदल पावर लिमिटेड के नाम पर थी और बिहारी पटेल के नाम पर कभी दर्ज नहीं रही। इस तरह फर्जी खसरा, बी-1, और ऋण पुस्तिका बनाकर जमीन बेचने की पूरी प्रक्रिया को अंजाम दिया गया।

पीड़ित ने पहले थाना लैलूंगा में शिकायत दी, लेकिन FIR नहीं हुई। इसके बाद उन्होंने न्यायालय की शरण ली। तर्क सुनने के बाद अदालत ने आठ पृष्ठों का आदेश जारी करते हुए एसडीएम अशोक कुमार मार्बल, पटवारी परमेश्वर नेताम, विक्रेता बिहारी पटेल और गवाह सुरेन्द्र गुप्ता के खिलाफ प्रकरण दर्ज कर विवेचना करने और चार्जशीट पेश करने के निर्देश दिए।



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