नईदुनिया प्रतिनिधि, रायगढ़। लैलूंगा थाना क्षेत्र में सनसनीखेज घटना सामने आई है। एक आदिवासी मूक बधिर नाबालिग बालिका से एक अन्य मूक बधिर नाबालिग ने दुष्कर्म किया जिससे वह सात माह की गर्भवती हो गई है। स्वजन की शिकायत पर हरकत में आई पुलिस ने अपचारी मूकबधिर को अभिरक्षा में लिया जिसे किशोर न्याय बोर्ड ने बाल सुधार गृह भेज दिया।
लैलूंगा क्षेत्र के आदिवासी बाहुल्य एक गांव में मूकबधिर बालिका अपने स्वजन के साथ रहती है। बालिका की सेहत कुछ दिनों से खराब थी। पहले तो सामान्य मानकर स्वजन ने गंभीरता से नहीं लिया। लेकिन उसका पेट लगातार बढ़ने लगा। इस पर स्वजन पीड़िता को लेकर विशेषज्ञ के पास पहुंचे।
यहां बालिका के गर्भवती होने की जानकारी दी। मामले की जानकारी होने पर परिजन थाना पहुंचे और मामले की शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए जांच शुरू की।
बालिका का डाॅक्टरी परीक्षण करवाने पर पता चला है कि वह सात महीने की गर्भवती है। बालिका से इशारे से कई महत्वपूर्ण जानकारी दी। उसने बताया कि आरोपित भी मूकबधिर नाबालिग है।
मामले की विवेचना में पुलिस के समक्ष भाषा की समस्या आ रही है। पीड़िता का बयान लेने के साथ अन्य जानकारी जुटाने में दिक्कत आ रही है।
ऐसे में आगे की विवेचना आसपास के लोगों तथा स्वजन के बयान पर निर्भर है। बहरहाल लैलूंगा पुलिस ने धारा 4-सीएचएल, 6-सीएचएल और 64(2) बीएनएस के तहत अपराध दर्ज किया औऱ संबंधित अपचारी बालक को अभिरक्षा में लिया गया।
यह काफी संवेदनशील प्रकरण है। उच्च अधिकारियों के दिशा-निर्देश पर विधिवत कानूनी कार्रवाई की गई। अपचारी मूकबधिर को बाल सुधार गृह भेजा गया है।
-गिरधारी साव, लैलूंगा थाना प्रभारी।