छत्तीसगढ़ में इस साल बांधों में अब तक 90 प्रतिशत जलभराव, 19 डैम पूरे भरे

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September 28, 2025


छत्तीसगढ़ में इस साल मानसून के दौरान अच्छी बारिश हुई है। प्रदेश के सभी बांधों में पिछले साल की तुलना में इस साल जल भराव की स्थिति अच्छी है। बांधों में 90 प्रतिशत से अधिक जलभराव हो चुका है। प्रदेश में 19 बांध ऐसे हैं, जिनमें 100 प्रतिशत जल भर चुका है।

Publish Date: Sun, 28 Sep 2025 03:17:33 PM (IST)

Updated Date: Sun, 28 Sep 2025 03:20:47 PM (IST)

छत्तीसगढ़ में इस साल बांधों में अब तक 90 प्रतिशत जलभराव, 19 डैम पूरे भरे
बड़े बांधों में 13.99 और मध्यम में 6.48 प्रतिशत अधिक जल संग्रहण

HighLights

  1. विगत वर्ष की तुलना में बड़े बांधों में 13.99 और मध्यम में 6.48 प्रतिशत अधिक जल संग्रहण
  2. 19 बांधों में 100 प्रतिशत जलभराव हो चुका है। इसमें तीन बड़े और 16 मध्यम श्रेणी के बांध
  3. विगत वर्ष अब तक की बड़े बांधों में 76.12 और मध्यम में 87.13 प्रतिशत जल संग्रहण हुआ था

राज्य ब्यूरो, नईदुनिया,रायपुर: प्रदेश में इस वर्ष अच्छी बारिश के चलते जल संसाधनों की स्थिति मजबूत हुई है। प्रदेश में 12 बड़े और 34 मध्यम श्रेणी के बांध हैं, जिसमें अब तक 90.66 प्रतिशत जल संग्रहण हो चुका है। विगत वर्ष की तुलना में बड़े बांधों में 13.99 और मध्यम में 6.48 प्रतिशत अधिक जल संग्रहण हुआ है।

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19 बांधों में 100 प्रतिशत जलभराव हो चुका है। इसमें तीन बड़े और 16 मध्यम श्रेणी के शामिल हैं। वहीं, 10 बांधों में 90 प्रतिशत से अधिक जलभराव हो हुआ है। जल संसाधन विभाग की रिपोर्ट के अनुसार, विगत वर्ष अब तक की स्थिति में बड़े बांधों में 76.12 और मध्यम में 87.13 प्रतिशत जल संग्रहण हुआ था, जबकि वर्तमान में क्रमश: 90.11 व 93.61 प्रतिशत है।

वर्तमान में कई जिलों में पानी के लिए अन्य बांधों पर निर्भरता करीब-करीब समाप्त हो गई है। बांधों की स्थिति को देखते हुए उम्मीद है कि गर्मी के दिनों में रायपुर, दुर्ग सहित अन्य जिलों में पेयजल की परेशानी नहीं होगी।

विशेषज्ञों का कहना है कि यह स्थिति आने वाले रबी सीजन के लिए अनुकूल है। कृषि कार्यों के लिए पर्याप्त सिंचाई सुविधा उपलब्ध होगी। इसके अलावा पेयजल आपूर्ति और औद्योगिक उपयोग के लिए भी जल की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित होगी। विभागीय अधिकारियों का कहना है कि बांधों की निगरानी और अतिरिक्त जल के सुरक्षित निकासी की व्यवस्था सुनिश्चित की गई है।

बड़े बांधों में जल भंडारण की स्थिति (प्रतिशत में)
बांध वर्ष 2025 वर्ष 2024
मिनीमाता बांगो 91.37 87.29
रविशंकर सागर 93.22 85.26
तांदुला जलाशय 100 84.26
दुधावा जलाशय 71.38 99.37
सिकासार बांध 94.32 89.75
खारंग जलाशय 100 94.65
सोंदूर जलाशय 75.47 74.64
मुरुमसिल्ली 99.36 99.54
कोडार जलाशय 54.70 55.55
मनियारी जलाशय 100 98.25
केलो जलाशय 71.77

88.23

अरपा भैंसाझार 68.19

74.41

वर्षवार जलभराव की स्थिति (27 सितंबर की स्थिति में)

  • वर्ष- 2025 : 90.66
  • वर्ष- 2024 : 87.62
  • वर्ष- 2023 : 77.86

इन जिलों के बांधों में शत-प्रतिशत जलभराव

  • बालोद का तांदुला
  • बिलासपुर का खारंग
  • मुंगेली का मनियारी
  • बालोद का खरखरा
  • बस्तर का कोसारटेडा
  • कांकेर का परलकोट
  • कवर्धा का चिरपानी
  • राजनांदगांव का मोंगरा
  • बिलासपुर का घोंघा
  • राजनांदगांव का मटियामोति
  • कवर्धा का कारा नाला
  • सरगुजा का बंकी
  • रायगढ़ का किंनकरी
  • सरगुजा का कुंवरपुर
  • राजनांदगांव का सुखा नाला
  • दुर्ग का खपरी
  • सरगुजा का बरनई
  • रायगढ़ का पुटकका नाला
  • कांकेर का मायना

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इन जिलों के बांधों में 95 प्रतिशत से अधिक जलभराव

  • कोरबा का मिनीमाता (91.37)
  • धमतरी का गंगरेल (93.22)
  • धमतरी का सिकासार (94.32)
  • धमतरी का मुरूमसिल्ली (99.36)
  • बालोद गोंदली (98.58)
  • कवर्धा का सुतियापाट (96.96)
  • रायगढ़ का केदार (99.98)
  • कवर्धा का बेहारखार (98.25)
  • राजनांदगांव का धारा (99.21)
  • राजनांदगांव का घुमरिया (94.85)

इस वर्ष अच्छी बारिश हुई है। जिससे बांधों में जलभराव की स्थिति अच्छी है। रबी सीजन में किसानों को पानी की समस्या नहीं होगी। पेयजल आपूर्ति और औद्योगिक उपयोग के लिए भी जल की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित होगी।

-डॉ. निनाद बोधनकर, प्रोफेसर, भू-विज्ञान अध्ययनशाला, पं. रविशंकर शुक्ल विश्वविद्यालय, रायपुर



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