छत्तीसगढ़ में 4000 करोड़ के घोटालों के मास्टर माइंड है यह पूर्व IAS अफसर, जाने कौन-कौन से घोटालों में शामिल

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July 12, 2025


छत्तीसगढ़ के पूर्व आईएएस अधिकारी अनिल टूटेजा का नाम पिछले कुछ सालों में हुए राज्य के बड़े घोटालों में शामिल है। अनिल टूटेजा नान घोटाल, कोयला घोटाल, बहुचर्तित शराब घोटाला और अब कस्टम मिलिंग घोटाले के मास्टर मांइड बताए जा रहे हैं। ये सभी घोटाले 4000 करोड़ रुपये से ज्यादा के हैं।

By Roman Tiwari

Publish Date: Sat, 12 Jul 2025 09:07:08 AM (IST)

Updated Date: Sat, 12 Jul 2025 09:07:31 AM (IST)

छत्तीसगढ़ में 4000 करोड़ के घोटालों के मास्टर माइंड है यह पूर्व IAS अफसर, जाने कौन-कौन से घोटालों में शामिल
घोटालों के मास्टर माइंड

HighLights

  1. चार हजार करोड़ के चार बड़े घोटालों का सूत्रधार टूटेजा
  2. रमन सरकार के दौरान नान घोटाले का केंद्र में थे अनिल
  3. भूपेश सरकार बनने के बाद भी उनकी ही बोलती थी तूती

राज्य ब्यूरो, नईदुनिया, रायपुर: छत्तीसगढ़ के पूर्व आईएएस अफसर अनिल टूटेजा राज्य में हुए 4000 करोड़ रुपये के चार बड़े घोटालों के सूत्रधार रहे हैं। पिछले दिनों ही ईओडब्ल्यू ने उन्हें कस्टम मिलिंग घोटाले में रायपुर सेंट्रल जेल से रिमांड पर लिया है।

बता दें कि तीन बार भाजपा के मुख्यमंत्री रहे डॉ. रमन सिंह के कार्यकाल में फरवरी 2015 में हुए नागरिक आपूर्ति निगम (नान) घोटाले के केंद्र में टूटेजा ही थे। इसके बाद राज्य में कांग्रेस के भूपेश बघेल की सरकार बनी। सत्ताधारी दल बदल गया, लेकिन तूती टूटेजा की ही बोलती रही।

जांच एजेंसियों के अनुसार 3,200 करोड़ से अधिक के शराब घोटाले, 540 करोड़ रुपये से अधिक के कोयला घोटाले और 140 करोड़ रुपये से अधिक के कस्टम मिलिंग घोटाले के साथ ही झारखंड शराब घोटाले के सूत्रधार टूटेजा ही हैं। करीब चार हजार करोड़ रुपये के इन घोटालों की जांच ईडी, सीबीआइ और ईओडब्ल्यू कर रही है।

यह था नान घोटाला

नान घोटाला फरवरी 2015 में उजागर हुआ था। इस घोटाले के आरोपी तत्कालीन महाप्रबंधक शिवशंकर भट्ट ने कोर्ट में शपथपत्र देकर दावा था कि यह घोटाला 36 हजार करोड़ का है। घोटाले के समय नान के एमडी अनिल टूटेजा ही थे। ईओडब्ल्यू और ईडी द्वारा दर्ज मामलों के आधार पर आयकर विभाग ने टूटेजा के खिलाफ वाट्सएप चैट सहित कुछ डिजिटल साक्ष्य एकत्र किए थे।

शराब घोटाले में रही अहम भूमिका

पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार के कार्यकाल में हुए 3,200 करोड़ के शराब घोटाले को नेताओं, वरिष्ठ नौकरशाहों की मिलीभगत से अंजाम दिया गया है। प्रवर्तन निदेशालय (ईडी),सीबीआई और ईओडब्ल्यू की जांच में यह सामने आया है कि अनिल टूटेजा, आाबकारी विभाग के तत्कालीन अधिकारी अरुणपति त्रिपाठी समेत अन्य ने शराब सिडिंकेट तैयार कर वर्ष 2019-2023 के बीच सरकारी खजाने को करोड़ों चूना लगाया।

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कोयला और कस्टम मिलिंग घोटाले में भी शामिल

रिटायर्ड आईएएस अनिल टूटेजा की संलिप्पता कोयला और कस्टम मिलिंग घोटाले में भी है। वर्तमान में ईओडब्ल्यू ने कस्टम मिलिंग घोटाले में टूटेजा के साथ कारोबारी अनवर ढेबर को पुलिस रिमांड पर लिया है। अनिल टूटेजा ने अपने खास अफसरों, नेताओं व कारोबारियों के साथ मिलकर राइस मिल संचालकों से करोड़ों रुपये़ की अवैध वसूली की थी। जांच एजेंसी का दावा है कि टूटेजा ने कस्टम मिलिंग घोटाले से 30 करोड़ रुपये की अवैध कमाई की है।



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