बच्ची की जिद: सड़क पर बैठकर बोली- मुझे मोबाइल चाहिए, पुलिस से की बहस, पढ़ें हैरान कर देने वाला मामला

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July 14, 2025


CG News: बच्चों में मोबाइल की लत दिन-प्रतिदिन बढ़ती जा रही है। इसका एक ताजा उदाहरण रायपुर में भी देखने को मिला। एक वायरल वीडियो में दिख रहा है कि एक बच्ची मोबाइल के लिए पुलिस से बहस कर रही है।

By Akash Pandey

Publish Date: Mon, 14 Jul 2025 01:11:23 PM (IST)

Updated Date: Mon, 14 Jul 2025 01:11:23 PM (IST)

बच्ची की जिद: सड़क पर बैठकर बोली- मुझे मोबाइल चाहिए, पुलिस से की बहस, पढ़ें हैरान कर देने वाला मामला
मोबाइल के लिए छात्रा ने की पुलिस से बहस(प्रतीकात्मक फोटो)

HighLights

  1. बच्चों में बढ़ रही है लगातार मोबाइल को लेकर लत।
  2. आठ साल की छात्रा ने सड़क पर हाईवोल्टेज ड्रामा।
  3. मोबाइल के लिए छात्रा ने किया पुलिस के साथ बहस।

नईदुनिया प्रतिनिधि, रायपुर। मोबाइल की मांग को लेकर आठ साल की एक स्कूली छात्रा ने सड़क पर हाईवोल्टेज ड्रामा कर दिया। इस पूरी घटना का वीडियो इंटरनेट मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। वीडियो में देखा जा सकता है कि बच्ची मोबाइल की जिद करते हुए सड़क पर बैठ गई और जब तक मोबाइल नहीं मिलेगा, तब तक न उठने की बात पर अड़ी रही।

करीब डेढ़ घंटे तक चला यह ड्रामा राहगीरों के लिए जहां कौतूहल का विषय बन गया, वहीं मौके पर मौजूद पुलिस के लिए असहज स्थिति उत्पन्न हो गई। यह घटना शुक्रवार दोपहर शहर के एक व्यस्त इलाके की बताई जा रही है। बच्ची पुलिस से लगातार बहस करती रही और उसके जवाब सुनकर लोग हैरान रह गए।

संवाद के कुछ अंश जो वीडियो में सुने गए:

पुलिस: आप अपने घर जाओ।

छात्रा: नहीं, मोबाइल चाहिए।

पुलिस: बच्चों को मोबाइल नहीं देते।

छात्रा: देते हैं मोबाइल बच्चों को।

पुलिस: नहीं देते बच्चों को मोबाइल।

छात्रा: चुप रहिए आप।

पुलिस: ऐसे कौन जिद करता है?

पुलिस: घर चलो।

छात्रा: चले जाइए।

पुलिस: इस तरह हंगामा क्यों कर रही हो?

छात्रा: यह मेरा पर्सनल मैटर है, आप चुप रहिए।

यह घटना इस बात की गंभीर चेतावनी है कि आज के बच्चे किस कदर मोबाइल और स्क्रीन पर निर्भर होते जा रहे हैं। बच्ची की जिद और उसकी प्रतिक्रिया ने यह साफ कर दिया कि तकनीक की लत मानसिक स्तर पर बच्चों को प्रभावित कर रही है।

इस पर रायपुर के शिक्षाविद डॉ. जवाहर सूरी सेट्टी ने कहा, “यह घटना मोबाइल की बढ़ती लत और बच्चों में तकनीक की निर्भरता का गंभीर संकेत है। अभिभावकों को चाहिए कि वे बच्चों को उम्र के अनुसार स्क्रीन टाइम दें और संवाद के माध्यम से उनकी जरूरतों और मनोस्थिति को समझें।”



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