मध्य प्रदेश में कफ सिरप पीकर हुए बच्चों की मौतों के बाद छत्तीसगढ़ में स्वास्थ्य विभाग अलर्ट पर है। स्वास्थ्य विभाग की ओर से मेडिकल दुकानों और डॉक्टरों के लिए निर्देश जारी किए गए हैं। राज्य में किसी भी मेडिकल स्टोर पर बिना डॉक्टर की पर्ची के कफ सिरप नहीं बेचा जाएगा।
Publish Date: Mon, 06 Oct 2025 10:32:49 AM (IST)
Updated Date: Mon, 06 Oct 2025 10:32:49 AM (IST)

HighLights
- छत्तीसगढ़ में स्वास्थ्य विभाग अलर्ट मोड पर
- मेडिकल स्टोर संचालकों को निर्देश दिए गए
- बिना डॉक्टर की पर्ची के सिरप बेचने पर रोक
नईदुनिया प्रतिनिधि, रायपुर: मध्य प्रदेश में ‘कोल्ड्रिफ’ कफ सिरप पीने से 14 बच्चों की मौत के बाद केंद्र सरकार ने सभी राज्यों को एडवाइजरी जारी की है। इसके बाद छत्तीसगढ़ में भी स्वास्थ्य विभाग अलर्ट मोड पर आ गया है। अब राज्य के सभी मेडिकल स्टोर संचालकों को निर्देश दिए गए हैं कि बिना डॉक्टर की प्रिस्क्रिप्शन किसी भी कफ सिरप या कंबिनेशन ड्रग्स का वितरण नहीं किया जाएगा।
नियम तोड़ने पर कड़ी कार्रवाई होगी। केंद्रीय स्वास्थ्य अधिकारियों ने रविवार को वीडियो कान्फ्रेंसिंग के जरिए प्रदेश के नियंत्रक खाद्य एवं औषधि प्रशासन से चर्चा की और मेडिकल स्टोरों में सरप्राइज जांच करने के निर्देश दिए।
अभी तक प्रदेश सप्लाई नहीं
‘कोल्ड्रिफ’ कफ सिरप का डिपो राज्य में मौजूद नहीं है। हालांकि उसी फार्मूले वाला स्टैंडर्ड कफ सिरप नियंत्रक खाद्य एवं औषधि प्रशासन की मंजूरी के बाद ही मेडिकल स्टोरों में उपलब्ध हैं। राजधानी में लगभग 3 हजार और पूरे प्रदेश में 8 हजार मेडिकल स्टोर हैं। प्रदेश में दवा कारोबार करीब 500 करोड़ रुपये का है। अधिकारियों ने मरीजों, डॉक्टरों और मेडिकल स्टोर संचालकों के लिए विशेष एडवाइजरी जारी की है।
जारी की गई यह एडवायजरी
मरीजों के लिए: सर्दी, खांसी और बुखार वाले बच्चों को तुरंत सरकारी अस्पताल ले जाएं। अगर बच्चा 6 घंटे तक पेशाब नहीं करता है तो तुरंत डाक्टर से संपर्क करें। झोलाछाप डॉक्टर से इलाज न करवाएं और साफ-सफाई का विशेष ध्यान रखें।
मेडिकल स्टोर के लिए: बिना प्रिस्क्रिप्शन किसी भी कंबिनेशन ड्रग्स या कफ सिरप न दें। प्रतिबंधित दवाओं का वितरण न करें।
डॉक्टरों के लिए: सर्दी-खांसी बुखार से पीड़ित बच्चों की निगरानी रखें। 6 घंटे तक यूरिन न करने पर उन्हें ऑब्जर्वेशन में रखें और जरूरत पड़ने पर उच्च स्तर के सेंटर पर रेफर करें।
प्रदेश के सभी दवा दुकानों की जांच के निर्देश दिए गए हैं। सभी शेड्यूल एच–1 दवाओं को केवल डाक्टर की प्रिस्क्रिप्शन के आधार पर ही बेचा जाएगा। बेचने वालों पर कार्रवाई की जाएगी।
-बीआर साहू , एडिशनल ड्रग कंट्रोलर, रायपुर